प्रधानमंत्री पोषण अभियान, जिसे देश भर में कुपोषण की समस्या को जड़ से खत्म करने के लिए चलाया जा रहा है, आज करोड़ों लोगों की उम्मीद बन चुका है। सितंबर 2025 के नवीनतम आंकड़ों के अनुसार, इस योजना के तहत 9.14 करोड़ से अधिक लाभार्थी पंजीकृत हैं। यह विशाल संख्या स्पष्ट करती है कि यह मिशन जमीनी स्तर पर कितनी मजबूती से काम कर रहा है.
लेकिन सबसे महत्वपूर्ण सवाल यह है कि—क्या आप जानते हैं कि इस योजना का लाभ उठाने के लिए सही पात्रता (Eligibility) क्या है? या पंजीकरण (Registration) की सटीक प्रक्रिया क्या है?
यदि आप इस योजना के लाभार्थियों, मिलने वाली सुविधाओं और शिकायत दर्ज करने के तरीकों के बारे में विस्तार से समझना चाहते हैं, तो हमने आपके लिए एक पोषण अभियान की पूरी जानकारी (2026) तैयार की है। यहाँ आपको अधिकारी स्तर की सटीक और पूरी जानकारी मिलेगी, जो आपके हर सवाल का जवाब देगी.
Who Are the Beneficiaries?
पोषण अभियान के तहत लाभार्थियों को चार मुख्य श्रेणियों में बांटा गया है। इन चार समूहों को इसलिए चुना गया क्योंकि इनमें कुपोषण का खतरा सबसे अधिक होता है।
Children from 0 to 6 Years
इस श्रेणी में वे सभी बच्चे आते हैं जिनकी उम्र जन्म से लेकर 6 वर्ष तक है। इन बच्चों के लिए पहले 1000 दिन (गर्भधारण से लेकर 2 वर्ष की आयु तक) बहुत महत्वपूर्ण होते हैं। इस दौरान सही पोषण न मिले तो बच्चे का शारीरिक और मानसिक विकास रुक सकता है। योजना के तहत इन बच्चों को आंगनवाड़ी केंद्रों पर गर्म भोजन, टीकाकरण, और स्वास्थ्य जांच की सुविधा दी जाती है।
Pregnant Women
गर्भवती महिलाएं इस योजना की दूसरी महत्वपूर्ण श्रेणी हैं। गर्भावस्था के दौरान मां के पोषण का सीधा असर गर्भ में पल रहे बच्चे पर पड़ता है। योजना के तहत गर्भवती महिलाओं को आयरन और फोलिक एसिड की गोलियां, नियमित स्वास्थ्य जांच, और पोषण संबंधी परामर्श दिया जाता है। साथ ही, उन्हें घर ले जाने के लिए पौष्टिक आहार (THR) भी दिया जाता है।
Lactating Mothers
जिन महिलाओं ने अभी-अभी बच्चे को जन्म दिया है और वह स्तनपान करा रही हैं, वे इस श्रेणी में आती हैं। जन्म के बाद पहले 6 महीने तक मां का पोषण बहुत जरूरी है क्योंकि इस दौरान बच्चे को सिर्फ मां का दूध ही मिलता है। योजना इन माताओं को पौष्टिक आहार, स्तनपान से जुड़ी जानकारी, और नियमित स्वास्थ्य जांच की सुविधा देती है।
Adolescent Girls
हाल ही में इस योजना के तहत किशोरियों (14 से 18 वर्ष) को भी शामिल किया गया है। यह कदम इसलिए उठाया गया क्योंकि किशोरावस्था में खून की कमी (एनीमिया) एक बड़ी समस्या है। जब किशोरियां स्वस्थ होंगी, तो भविष्य में वे स्वस्थ मां बन सकेंगी। योजना के तहत इन्हें आयरन की गोलियां और पोषण शिक्षा दी जाती है।
| लाभार्थी समूह | उम्र / अवस्था | मुख्य सुविधाएं |
|---|---|---|
| बच्चे | 0–6 वर्ष | गर्म भोजन, टीकाकरण, स्वास्थ्य जांच |
| गर्भवती महिलाएं | गर्भावस्था के दौरान | IFA गोलियां, जांच, पौष्टिक आहार |
| धात्री माताएं | प्रसव के 6 माह तक | पौष्टिक आहार, स्तनपान परामर्श |
| किशोरियां | 14–18 वर्ष | आयरन की गोलियां, पोषण शिक्षा |
How to Enroll Step by Step
अब सबसे अहम सवाल यह है कि इन सुविधाओं का लाभ लेने के लिए पंजीकरण कैसे करें। यह प्रक्रिया सीधी है, लेकिन इसमें सावधानी बरतनी जरूरी है।
Find Your Nearest Anganwadi Centre
सबसे पहले आपको अपने इलाके में स्थित आंगनवाड़ी केंद्र का पता करना होगा। यह केंद्र आमतौर पर गांव या मोहल्ले में ही होता है। अगर पता न हो तो आप अपने वार्ड सदस्य या ग्राम पंचायत कार्यालय से पूछ सकते हैं। यह केंद्र ही वह जगह है जहां से सारी सेवाएं शुरू होती हैं।
Meet the Anganwadi Worker
आंगनवाड़ी केंद्र पर जाकर आपको वहां काम करने वाली आंगनवाड़ी कार्यकर्ता (AWW) से मिलना होता है। यह कार्यकर्ता ही आपका पंजीकरण करती है। वह आपसे परिवार के सदस्यों, बच्चों, और गर्भावस्था की जानकारी लेगी। उसके बाद वह आपके घर का दौरा भी कर सकती है ताकि सही जानकारी सुनिश्चित की जा सके।
Documents You Need to Carry
पंजीकरण के लिए कुछ दस्तावेजों की जरूरत होती है। इन्हें पहले से तैयार रखें:
- आधार कार्ड: परिवार के सभी सदस्यों के आधार कार्ड। अब आधार-आधारित पहचान अनिवार्य है।
- राशन कार्ड: इससे परिवार की पहचान और आर्थिक स्थिति का पता चलता है।
- गर्भावस्था का प्रमाण: अगर गर्भवती महिला पंजीकरण करा रही है, तो डॉक्टर का प्रमाण पत्र या एमसीएच कार्ड।
- मोबाइल नंबर: आधार से लिंक मोबाइल नंबर जरूरी है।
Registration on Poshan Tracker App
आंगनवाड़ी कार्यकर्ता आपकी सारी जानकारी पोषण ट्रैकर ऐप पर दर्ज करेगी। यह एक डिजिटल प्रणाली है जहां हर लाभार्थी का रिकॉर्ड रखा जाता है। जुलाई 2025 से यह अनिवार्य कर दिया गया है कि हर लाभार्थी का चेहरा पहचान (फेशियल रिकग्निशन) और आधार ई-केवाईसी पूरी की जाए। रजिस्ट्रेशन पूरा होने पर आपको एक लाभार्थी आईडी मिल जाएगी।
What Benefits Do You Get?
पंजीकरण के बाद लाभार्थियों को कई तरह की सुविधाएं दी जाती हैं। ये सुविधाएं सिर्फ खाने तक सीमित नहीं हैं, बल्कि स्वास्थ्य और शिक्षा से भी जुड़ी हैं।
Food and Nutrition Support
योजना का सबसे बड़ा हिस्सा पोषण संबंधी सहायता है।
- टेक होम राशन (THR): 6 माह से 3 साल तक के बच्चों, गर्भवती और धात्री माताओं को घर ले जाने के लिए पौष्टिक राशन दिया जाता है।
- गर्म भोजन: 3 से 6 साल के बच्चों को आंगनवाड़ी केंद्र पर हर दिन गर्म भोजन दिया जाता है।
- पीएम पोषण (मिड-डे मील): स्कूल जाने वाले बच्चों (कक्षा 1-8) को स्कूल में ही गर्म भोजन मिलता है।
Health Services
पोषण अभियान सिर्फ खाना नहीं बांटता, बल्कि स्वास्थ्य सेवाओं से भी जोड़ता है।
- टीकाकरण: बच्चों के सभी जरूरी टीके आंगनवाड़ी केंद्र या सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पर लगाए जाते हैं।
- आयरन और फोलिक एसिड (IFA) की गोलियां: गर्भवती महिलाओं और किशोरियों को ये गोलियां मुफ्त दी जाती हैं। एनीमिया की रोकथाम के लिए यह बहुत जरूरी है।
- नियमित स्वास्थ्य जांच: गर्भवती महिलाओं और बच्चों का वजन, ऊंचाई, और स्वास्थ्य की नियमित जांच की जाती है।
Nutrition and Health Education
सिर्फ खाना देने से कुपोषण नहीं रुकता, इसके लिए सही जानकारी भी जरूरी है।
- स्तनपान परामर्श: माताओं को सिखाया जाता है कि पहले 6 माह सिर्फ स्तनपान क्यों जरूरी है।
- पूरक आहार की जानकारी: 6 माह के बाद बच्चे को मां के दूध के साथ क्या और कैसे खिलाना चाहिए।
- स्वच्छता और पोषण का संबंध: खाने से पहले हाथ धोने, साफ पानी पीने, और शौचालय के इस्तेमाल के बारे में जागरूकता बढ़ाई जाती है।
Common Problems and Solutions
सरकारी योजनाओं में अक्सर कुछ समस्याएं आती हैं। पोषण अभियान में भी लोगों को कुछ दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। यहां हम उन समस्याओं और उनके समाधान के बारे में बता रहे हैं।
Facial Recognition Not Working
जुलाई 2025 से फेशियल रिकग्निशन अनिवार्य हो गया है। लेकिन कई बार ऐप में गड़बड़ी हो जाती है। चेहरा सही से रजिस्टर नहीं होता। इससे राशन लेने में देरी हो सकती है।
समाधान: आंगनवाड़ी कार्यकर्ता से कहें कि वह अलग-अलग कोणों से चेहरा स्कैन करे। अच्छी रोशनी में प्रयास करें। अगर बार-बार फेल हो तो सुपरवाइजर से संपर्क करें। कई राज्यों में मैनुअल एंट्री का विकल्प भी है।
Aadhaar Name Mismatch
कभी-कभी आधार कार्ड में नाम और आंगनवाड़ी रिकॉर्ड में नाम मेल नहीं खाता। इससे ई-केवाईसी नहीं हो पाती।
समाधान: सबसे पहले आधार केंद्र पर जाकर नाम सही करवाएं। फिर नया आधार कार्ड लेकर आंगनवाड़ी कार्यकर्ता को दिखाएं। वह सिस्टम में जानकारी अपडेट कर सकती है।
Anganwadi Worker Has No Smartphone
पंजाब जैसे कुछ राज्यों में आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं को अभी तक सरकारी स्मार्टफोन नहीं मिले हैं। इससे डिजिटल रजिस्ट्रेशन प्रभावित होता है। जनवरी 2026 की एक रिपोर्ट के अनुसार, पंजाब में 28,515 स्मार्टफोन अभी भी नहीं दिए गए हैं, जिससे लगभग 12 लाख लाभार्थी प्रभावित हो सकते हैं।
समाधान: अगर आपके इलाके की आंगनवाड़ी कार्यकर्ता के पास स्मार्टफोन नहीं है, तो इसकी शिकायत ब्लॉक स्तर के अधिकारी से करें। आप सीधे जिला कार्यक्रम अधिकारी (DPO) को भी लिखित शिकायत दे सकते हैं।
| समस्या | समाधान |
|---|---|
| फेशियल रिकग्निशन फेल | अलग रोशनी और कोण से प्रयास, सुपरवाइजर से संपर्क |
| आधार में नाम गलत | आधार केंद्र से सुधार कराएं, आंगनवाड़ी में अपडेट करवाएं |
| कार्यकर्ता के पास फोन नहीं | ब्लॉक या जिला अधिकारी को शिकायत करें |
| राशन नियमित न मिलना | आंगनवाड़ी केंद्र पर वितरण तिथि पूछें, सुपरवाइजर से बात करें |
Real Stories from the Ground
आंकड़ों से ज्यादा असरदार होती हैं असल जिंदगी की कहानियां। पोषण अभियान से जुड़ी दो सच्ची कहानियां यहां पेश हैं।
Case Study 1: Shopian, Jammu and Kashmir
जून 2025 में जम्मू-कश्मीर के शोपियां जिले में एक अभियान चलाया गया। आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं ने घर-घर जाकर सर्वे किया और उन परिवारों को चिह्नित किया जो अभी तक पोषण अभियान से नहीं जुड़े थे। महज 3 महीने में 2,984 नए लाभार्थी पंजीकृत किए गए। यह कहानी बताती है कि जब कार्यकर्ता सक्रिय होती हैं, तो कोई भी लाभार्थी योजना से वंचित नहीं रहता।
Case Study 2: Assam’s Poshan Tracker Success
असम राज्य में पोषण ट्रैकर ऐप का बहुत अच्छा उपयोग किया गया। यहां की आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं ने हर बच्चे का वजन और ऊंचाई नियमित रूप से ऐप पर दर्ज किया। इससे कुपोषित बच्चों की पहचान जल्दी हो गई और उन्हें विशेष देखभाल दी जा सकी। राज्य में कुपोषण के आंकड़ों में स्पष्ट सुधार देखा गया। यह उदाहरण बताता है कि तकनीक का सही इस्तेमाल कैसे फर्क ला सकता है।
Frequently Asked Questions
Q1: पोषण अभियान के तहत बच्चों के लिए उम्र सीमा क्या है?
0 से 6 वर्ष तक के सभी बच्चे पात्र हैं। 6 माह से 3 वर्ष तक के बच्चों को टेक होम राशन मिलता है, और 3 से 6 वर्ष के बच्चों को आंगनवाड़ी केंद्र पर गर्म भोजन मिलता है।
Q2: अगर मेरे पास राशन कार्ड नहीं है, तो क्या मैं पंजीकरण करा सकती हूं?
हां, आप करा सकती हैं। आंगनवाड़ी कार्यकर्ता आपके घर का दौरा करके परिवार की स्थिति का आकलन करेगी। कोई अन्य पहचान पत्र (जैसे वोटर आईडी) भी काम में लिया जा सकता है।
Q3: पोषण अभियान और पीएम पोषण में क्या अंतर है?
पोषण अभियान 0-6 साल के बच्चों, गर्भवती महिलाओं, और धात्री माताओं पर केंद्रित है। पीएम पोषण (पहले मिड-डे मील) स्कूल जाने वाले बच्चों (कक्षा 1-8) को स्कूल में भोजन देता है।
Q4: क्या किशोर लड़के भी इस योजना के लाभार्थी हैं?
वर्तमान में योजना का मुख्य फोकस किशोरियों (14-18 वर्ष) पर है, खासकर आकांक्षी जिलों और पूर्वोत्तर राज्यों में। लड़कों के लिए अलग से कोई घटक नहीं है, लेकिन आंगनवाड़ी केंद्र पर उन्हें भी स्वास्थ्य शिक्षा दी जा सकती है।
Q5: टेक होम राशन कितने दिन में मिलता है?
आमतौर पर यह हर महीने एक निश्चित तिथि पर वितरित किया जाता है। अपनी आंगनवाड़ी कार्यकर्ता से वितरण का दिन पूछ लें।
Q6: क्या शहरी इलाकों में भी आंगनवाड़ी केंद्र हैं?
हां, शहरी क्षेत्रों में भी आईसीडीएस के तहत आंगनवाड़ी केंद्र संचालित होते हैं। अपने नगर निगम या वार्ड कार्यालय से पता करें।
Q7: पोषण ट्रैकर ऐप क्या है और यह कैसे काम करती है?
यह एक डिजिटल प्रणाली है जहां हर लाभार्थी की जानकारी (वजन, ऊंचाई, टीकाकरण) दर्ज की जाती है। इससे यह ट्रैक किया जा सकता है कि किस बच्चे का विकास सही से हो रहा है या नहीं। अगर कोई बच्चा कुपोषित है, तो उसे तुरंत विशेष सहायता दी जा सकती है।
Q8: अगर मुझे नियमित रूप से राशन नहीं मिल रहा है, तो कहां शिकायत करूं?
सबसे पहले अपनी आंगनवाड़ी कार्यकर्ता से बात करें। अगर वहां समाधान न हो, तो परियोजना अधिकारी (सीडीपीओ) से शिकायत करें। इसके बाद भी समस्या बनी रहे तो जिला कार्यक्रम अधिकारी (डीपीओ) को लिखित शिकायत दें। आप राष्ट्रीय महिला आयोग या बाल अधिकार संरक्षण आयोग से भी संपर्क कर सकते हैं।
Q9: क्या पोषण अभियान के तहत कोई नकद राशि दी जाती है?
नहीं, पोषण अभियान के तहत सीधे तौर पर नकद राशि नहीं दी जाती। यह पूरी तरह से पोषण, स्वास्थ्य, और शिक्षा से जुड़ी सेवाओं पर केंद्रित है। हालांकि, टीबी रोगियों के लिए नी-क्षय पोषण योजना के तहत ₹1000 प्रति माह डीबीटी से दिए जाते हैं।
Q10: पोषण अभियान से कुपोषण कम करने में कितनी सफलता मिली है?
एनएफएचएस-5 (2019-21) के आंकड़े बताते हैं कि एनएफएचएस-4 (2015-16) की तुलना में स्टंटिंग (बौनापन) 38.4% से घटकर 35.5% हो गई है। अंडरवेट बच्चों की संख्या 35.8% से घटकर 32.1% हुई है। यह सुधार पोषण अभियान के सकारात्मक प्रभाव को दर्शाता है, लेकिन अभी भी बहुत काम किया जाना बाकी है।
Your Next Steps
अब आपके पास पोषण अभियान की पूरी जानकारी है। यह सिर्फ एक सरकारी योजना नहीं है, बल्कि आपके परिवार के स्वास्थ्य की सुरक्षा का अधिकार है। अगर आप या आपके परिवार का कोई सदस्य इन श्रेणियों में आता है, तो देर न करें। अपने नजदीकी आंगनवाड़ी केंद्र पर जाएं और पंजीकरण करवाएं। याद रखें, सही समय पर मिला पोषण ही बच्चों का उज्ज्वल भविष्य सुनिश्चित करता है। आज ही कदम उठाएं, क्योंकि आपके परिवार का स्वास्थ्य किसी भी योजना से बढ़कर है।