PM Kisan Beneficiary List 2026 District Wise PDF Download: Complete Guide

PM Kisan Beneficiary List 2026 ज़िले के हिसाब से, प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के लिए एलिजिबल किसानों का ऑफिशियल रिकॉर्ड दिखाती है। यह एक सेंट्रल सेक्टर स्कीम है जो ₹2,000 की तीन किस्तों में ₹6,000 सालाना इनकम सपोर्ट देती है।

फरवरी 2026 तक, 11 करोड़ से ज़्यादा किसान परिवार रजिस्टर्ड हैं, 21वीं किस्त (₹18,000 करोड़) 19 नवंबर, 2025 को जारी की जाएगी, और 22वीं किस्त फरवरी और मार्च 2026 के बीच आने की उम्मीद है।

यह पूरी गाइड ज़िले के हिसाब से बेनिफिशियरी लिस्ट तक पहुंचने, ज़रूरी eKYC ज़रूरतों को समझने, आम टेक्निकल दिक्कतों को हल करने और सही डॉक्यूमेंटेशन रिकॉर्ड बनाए रखने के पूरे प्रोसेस के बारे में बताती है। दी गई जानकारी pmkisan.gov.in के ऑफिशियल प्रोटोकॉल, मौजूदा सरकारी निर्देशों और एग्रीकल्चरल वेलफेयर एडमिनिस्ट्रेशन में आम तौर पर देखे जाने वाले प्रोसेस के पैटर्न को दिखाती है.


Understanding the PM Kisan Beneficiary List System

PM-Kisan: बेनिफिशियरी लिस्ट का आधिकारिक ढांचा और महत्व

आधिकारिक लाभार्थी सूची क्या है?

यह कृषि मंत्रालय द्वारा मेंटेन किया जाने वाला एक डायनामिक डेटाबेस है। इसमें हर महीने डेटा रिफ्रेश किया जाता है ताकि नए पात्र किसानों को जोड़ा जा सके और अपात्र लोगों को हटाया जा सके।

डेटा प्राइवेसी: आधार नंबर (XXXX-XXXX-1234)
पेमेंट ट्रैकिंग: इंस्टॉलमेंट स्टेटस & बैंक विवरण
वेरिफिकेशन साइकिल: मासिक रिफ्रेश (Monthly Refresh)
राज्य ➔ जिला ➔ तहसील ➔ ब्लॉक ➔ गांव
नियमित वेरिफिकेशन क्यों जरूरी है?

सिर्फ रजिस्ट्रेशन काफी नहीं है, लिस्ट में अपना नाम चेक करना इन कारणों से अनिवार्य है:

48 लाख+ किसानों का eKYC लंबित (2025 डेटा)
100% DBT पारदर्शिता और सुरक्षा
  • डाटा मिलान: आधार-बैंक मिसमैच जैसी गलतियों को तुरंत सुधारने का मौका।
  • कम्युनिटी ऑडिट: गांव-वार लिस्ट से पारदर्शिता बनी रहती है।
  • एक्टिव स्टेटस: सुनिश्चित करता है कि आपकी eKYC और लैंड रिकॉर्ड अपडेटेड हैं।
अपडेट मिस करने के गंभीर परिणाम

⚠️ पेमेंट पर रोक और फंड की वापसी

यदि 31 जनवरी, 2026 तक eKYC पूरा नहीं होता, तो आपका पेमेंट ऑटोमैटिक रुक जाएगा और फंड PFMS के जरिए सरकारी खाते में वापस चला जाएगा।

वित्तीय नुकसान: ₹4,000 (2 किस्तें)

*यह राशि कई राज्यों में 40-60 दिनों की खेती की मजदूरी के बराबर है।

स्थायी निष्कासन (Permanent Exclusion): यदि लैंड रिकॉर्ड में गड़बड़ी पाई जाती है और उसे समय पर ठीक नहीं किया जाता, तो लाभार्थी को योजना से हमेशा के लिए बाहर किया जा सकता है।


Critical 2026 Updates and Regulatory Changes

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PM Kisan 22nd Installment: लेटेस्ट अपडेट्स और जरूरी शर्तें

22वीं किस्त रिलीज टाइमलाइन (Release Timeline)
संभावित तिथि (Expected Date): 8 – 15 फरवरी, 2026

पिछले ट्रेंड्स को देखते हुए (जैसे 19वीं किस्त फरवरी 2025 में आई थी), 22वीं किस्त फरवरी के दूसरे हफ्ते में जारी होने की पूरी उम्मीद है।

इन 3 शर्तों को पूरा करना अनिवार्य है:

1. आधार-बेस्ड eKYC वेरिफिकेशन।
2. NPCI मैपिंग के साथ Active बैंक खाता।
3. अपडेटेड Land Records (भूमि विवरण)।
Mandatory eKYC: वेरिफिकेशन के 3 आसान तरीके

15वीं किस्त के बाद से eKYC अनिवार्य है। आप नीचे दिए गए तरीकों से इसे पूरा कर सकते हैं:

  • OTP-बेस्ड: pmkisan.gov.in पर जाकर आधार लिंक मोबाइल से।
  • Biometric: नजदीकी CSC सेंटर पर जाकर फिंगरप्रिंट के जरिए।
  • Face Auth: PM Kisan मोबाइल ऐप के जरिए चेहरा स्कैन करके।
💡 अपडेट: फरवरी 2026 तक 8.48 करोड़ से ज्यादा किसान ID बनाई जा चुकी हैं।
राज्यों के अनुसार नियम और Farmer ID

14 राज्यों ने PM Kisan के लिए Farmer ID को अनिवार्य कर दिया है। इन राज्यों के किसानों को Central eKYC के साथ State ID ऑथेंटिकेशन भी करना होगा:

उत्तर प्रदेश बिहार महाराष्ट्र राजस्थान मध्य प्रदेश कर्नाटक आंध्र प्रदेश ओडिशा तमिलनाडु तेलंगाना गुजरात असम छत्तीसगढ़ केरल

विशेष नोट: महाराष्ट्र में अप्रैल 2025 से सभी सब्सिडी के लिए Farmer ID अनिवार्य है। इसका मुख्य उद्देश्य फर्जी रजिस्ट्रेशन को हटाना और सही किसानों तक पैसा पहुँचाना है।


Accessing the District Wise Beneficiary List: Complete Procedures

PM-Kisan लाभार्थी सूची एवं पहुंच मार्गदर्शिका

आधिकारिक तरीका
पोर्टल नेविगेशन और सूची प्राप्त करना

लाभार्थी सूची देखने के लिए सबसे पहले pmkisan.gov.in पर जाएं और ‘Farmer’s Corner’ के अंतर्गत ‘Beneficiary List’ विकल्प चुनें।

राज्य ➜ जिला ➜ उप-जिला ➜ ब्लॉक ➜ गांव

चयन के बाद, सिस्टम एक रिपोर्ट जेनरेट करेगा जिसमें लाभार्थी का नाम, आधार के अंतिम अंक और भुगतान की स्थिति दिखाई देगी।

💡 प्रो टिप: यह पोर्टल Chrome ब्राउज़र पर ‘Desktop Mode’ में सबसे तेज़ चलता है। डेटा आमतौर पर 24-48 घंटों में रिफ्लेक्ट होता है।
ऑफलाइन विकल्प
जन सेवा केंद्र (CSC) के माध्यम से पहुंच

स्मार्टफोन न होने पर किसान अपने नजदीकी CSC केंद्र पर जा सकते हैं। वहां आपको ओरिजिनल आधार कार्ड, बैंक पासबुक और खतौनी (land records) ले जाना अनिवार्य है।

CSC ऑपरेटर बायोमेट्रिक प्रमाणीकरण (फिंगरप्रिंट) का उपयोग करके आपकी स्थिति की जांच करेंगे। सरकारी दिशा-निर्देशों के अनुसार इसका शुल्क ₹10-25 के बीच होना चाहिए।

स्मार्ट समाधान
मोबाइल ऐप और फेस ऑथेंटिकेशन

PM Kisan मोबाइल ऐप में अब Face Authentication की सुविधा दी गई है। इसके जरिए किसान बिना किसी फिंगरप्रिंट मशीन के, केवल अपना चेहरा स्कैन करके eKYC और स्टेटस चेक कर सकते हैं।

एक बार रजिस्टर होने के बाद, आप अपनी जानकारी को ऑफलाइन भी देख सकते हैं, जो कमजोर नेटवर्क वाले क्षेत्रों के लिए बहुत उपयोगी है।


PDF Download Functionality and Record Maintenance

डाटा सुरक्षा और व्यक्तिगत रिकॉर्ड गाइड

सीधा PDF डाउनलोड उपलब्ध क्यों नहीं है?

PM Kisan पोर्टल डाटा सुरक्षा प्रोटोकॉल के कारण लाभार्थी सूची के लिए सीधा PDF डाउनलोड विकल्प प्रदान नहीं करता है। चूंकि इन सूचियों में आधार नंबर और वित्तीय जानकारी होती है, इसलिए खुली PDF फाइलें सुरक्षा के लिए खतरा पैदा कर सकती हैं।

सुरक्षा नोट: डेटाबेस में होने वाले रीयल-टाइम अपडेट के कारण स्थिर (Static) PDF जल्दी पुरानी हो जाती हैं, जिससे लाभार्थियों के बीच भ्रम पैदा हो सकता है। सरकार अब डाटा सत्यापन के लिए Blockchain का उपयोग कर रही है।
रिकॉर्ड बनाने के वैकल्पिक तरीके

यदि आप अपना रिकॉर्ड सुरक्षित रखना चाहते हैं, तो इन तीन तरीकों का उपयोग कर सकते हैं:

1. Print to PDF ब्राउज़र के ‘Print’ फंक्शन का उपयोग करके पेज को PDF में सेव करें।
2. स्क्रीनशॉट किस्त की तारीख के साथ मोबाइल पर स्क्रीनशॉट लेकर फोल्डर बनाएं।
3. मैनुअल रजिस्टर जरूरी जानकारी को भौतिक रजिस्टर में लिखकर सुरक्षित रखें।
दस्तावेजों का उचित रखरखाव

विवाद समाधान और भविष्य के ट्रैक रिकॉर्ड के लिए निम्नलिखित दस्तावेज संभाल कर रखें:

  • तारीख के साथ मासिक लाभार्थी सूची के स्क्रीनशॉट।
  • eKYC पूरा होने के बाद मिलने वाली कन्फर्मेशन रसीद।
  • बैंक स्टेटमेंट की एंट्री जहाँ PM Kisan की किस्त जमा हुई है।
  • कृषि विभाग के अधिकारियों के साथ किया गया कोई भी पत्राचार।

सुझाव: डिजिटल बैकअप के लिए Google Drive या Cloud Storage का उपयोग करें ताकि डिवाइस खराब होने पर भी डाटा सुरक्षित रहे।


Troubleshooting Common Technical and Administrative Issues

समस्या निवारण: सूची में नाम न होने और पेमेंट फेलियर का समाधान

लाभार्थी सूची में नाम गायब: क्या करें?

यदि आपका नाम गांव की सूची में नहीं है, तो इन चरणों का पालन करें:

  • eKYC स्थिति: ‘Know Your Status’ पोर्टल पर चेक करें कि eKYC अधूरा तो नहीं है।
  • भूमि रिकॉर्ड: सुनिश्चित करें कि आपके खसरा/खतौनी नंबर राज्य राजस्व विभाग के डेटा से मेल खाते हैं।
  • NPCI मैपर: चेक करें कि आपका आधार बैंक खाते से जुड़ा (Seeded) है या नहीं।
💡 जरूरी सूचना: सुधार जमा करने के बाद सूची में नाम अपडेट होने में आमतौर पर 15-30 दिन का समय लगता है।
पेमेंट स्टेटस “Failed” या “Returned” दिखाना

Direct Benefit Transfer (DBT) के फेल होने के मुख्य कारण और उनकी पहचान:

खाता बंद होना IFSC कोड अपडेट न होना निष्क्रिय बैंक खाता नाम की वर्तनी में अंतर

PFMS प्रणाली द्वारा जारी एरर कोड को समझें। सुधार के लिए बैंक शाखा में जाकर आधार सीडिंग फॉर्म भरें और पोर्टल पर ‘Edit Aadhaar Details’ विकल्प का उपयोग करें।

आधार-बैंक लिंकिंग और सुधार प्रक्रिया

DBT राशि पाने के लिए आधार-बैंक लिंकिंग अनिवार्य है। आप इसे npci.org.in पर ऑनलाइन चेक कर सकते हैं।

यदि आपके आधार और बैंक रिकॉर्ड के नाम में मामूली अंतर (जैसे “Ramchandra” बनाम “Ram Chandra”) है, तो इसे UIDAI केंद्र या बैंक शाखा में जाकर 7-15 दिनों के भीतर ठीक करवाएं।

सहायता हेल्पलाइन: 155261 / 011-24300606

Common Mistakes and Compliance Failures

अनुपालन मार्गदर्शिका: दस्तावेज त्रुटियां और अपवर्जन नियम

दस्तावेज संबंधी सामान्य गलतियां

पंजीकरण के दौरान इन सामान्य त्रुटियों से बचें ताकि आपकी किस्त न रुके:

पुराना आधार: पते या जानकारी में बदलाव के बाद अपडेट न किया गया आधार कार्ड।
धुंधली तस्वीरें: धुंधले या कटे हुए दस्तावेजों को अपलोड करना।
मोबाइल नंबर: OTP सत्यापन के लिए बंद या पुराना मोबाइल नंबर देना।
जमीन के रिकॉर्ड: बंटवारे या विरासत के बाद लैंड रिकॉर्ड को अपडेट न करना।

सुझाव: हर महीने की 1 तारीख को अपना स्टेटस चेक करने का नियम बनाएं।

महत्वपूर्ण सूचनाओं को नजरअंदाज न करें

सरकार eKYC डेडलाइन और आधार लिंकिंग के लिए SMS अलर्ट जारी करती है। इन्हें इग्नोर करने पर भुगतान अपने आप निलंबित (Suspended) हो जाता है।

🤖 Kisan eMitra AI: 11 क्षेत्रीय भाषाओं में 24/7 सहायता के लिए उपलब्ध है।
पात्रता और अपवर्जन (Exclusion) नियम

कानूनी रूप से निम्नलिखित श्रेणियों के व्यक्ति PM Kisan के लाभ के पात्र **नहीं** हैं:

  • संवैधानिक पद धारक
  • ₹10,000+ पेंशनर्स
  • इनकम टैक्स देने वाले
  • सरकारी अधिकारी (Class IV को छोड़कर)
  • डॉक्टर/इंजीनियर/वकील
  • संस्थागत भूमि धारक

चेतावनी: यदि आप ऊपर दी गई श्रेणियों में आते हैं, तो पोर्टल पर ‘Voluntary Surrender’ विकल्प का उपयोग करें, अन्यथा वसूली और कानूनी कार्रवाई की जा सकती है।


Frequently Asked Questions

Q1: Can I download the complete district-wise beneficiary list as a single PDF file?


Direct PDF download is not available on the official portal due to data security protocols. Beneficiaries must use the Print to PDF browser function after selecting their specific village, or obtain printed copies from CSC centers for official documentation.

Q2: What is the last date to complete eKYC for the 22nd installment?


eKYC must be completed by January 31, 2026, to ensure inclusion in the February-March 2022 installment release. Late completion results in automatic deferral to the 23rd installment cycle.

Q3: My name appears in the list but payment is not credited. What should I verify?


Check PFMS status through “Know Your Status” portal for specific error codes. Common issues include inactive bank accounts, Aadhaar-bank linking failures, or name mismatches. Visit your bank branch to verify NPCI mapping status.

Q4: Is Farmer ID mandatory for PM Kisan in 2026?


Farmer ID is mandatory for new registrations in 14 states: Andhra Pradesh, Assam, Bihar, Chhattisgarh, Gujarat, Karnataka, Kerala, Madhya Pradesh, Maharashtra, Odisha, Rajasthan, Tamil Nadu, Telangana, and Uttar Pradesh. Existing beneficiaries are not required to retroactively obtain Farmer ID unless re-registering.

Q5: Can tenant farmers or sharecroppers apply for PM Kisan?


No. Only land-owning farmers are eligible. Tenant farmers may access alternative schemes such as state-specific tenant farmer welfare programs or the Kisan Credit Card scheme through banking channels.

Q6: How long does it take for corrections to reflect in the beneficiary list?


Aadhaar and bank detail corrections require 7-15 days. Land record updates require 15-30 days depending on state revenue department processing. eKYC updates reflect within 24-48 hours.

Q7: What documents are required for CSC center visits?


Carry original Aadhaar card, bank passbook with visible account number and IFSC code, land ownership records (Khata/Khatouni), and registered mobile number. Photocopies should be provided only after verification of originals.

Q8: How can I check status without internet access?


Visit authorized Common Service Centers with Aadhaar and bank passbook. Alternatively, call the PM Kisan helpline at 155261 or 011-24300606 for basic status information, though detailed verification requires portal access.


Author Expertise and Methodology

This guide was prepared by a compliance documentation specialist with extensive experience in government welfare scheme administration, agricultural policy implementation, and digital governance systems. The author has reviewed official PM Kisan portal protocols, Department of Agriculture circulars, and PFMS operational guidelines. Content accuracy was verified against pmkisan.gov.in, Ministry of Agriculture directives, and state-level Farmer ID implementation notifications. The procedural guidance reflects commonly observed administrative patterns across multiple state implementations, with specific attention to compliance requirements, failure modes, and resolution pathways documented through official grievance redressal mechanisms.

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