पोषण अभियान, जिसे नेशनल न्यूट्रिशन मिशन भी कहा जाता है, भारत सरकार का सबसे बड़ा प्रोग्राम है जो बच्चों और महिलाओं में कुपोषण (मालन्यूट्रिशन) को कम करने के लिए चलाया जा रहा है। इस प्रोग्राम में अक्सर आप “वेस्टिंग” शब्द सुनते होंगे.
क्या आप जानते हैं कि वेस्टिंग का मतलब क्या है? क्या यह सिर्फ पतला होना है या इससे कहीं बड़ी समस्या छुपी है? इस आर्टिकल में हम आपको वेस्टिंग की पूरी जानकारी देंगे, पोषण अभियान इसे कैसे रोक रहा है, और अगर आपके बच्चे में वेस्टिंग के लक्षण हैं तो आपको क्या करना चाहिए.
What is Wasting
Simple Definition
वेस्टिंग का मतलब है कि बच्चा अपनी लंबाई के हिसाब से बहुत पतला है। इसका मतलब यह नहीं कि बच्चा छोटा है, बल्कि यह कि उसका वज़न इतना कम है कि वह अपनी उम्र और लंबाई के हिसाब से सेहतमंद नहीं है।
Why Wasting Matters
क्या आप जानते हैं कि वेस्टिंग वह स्थिति है जो बच्चे की जान के लिए सबसे बड़ा खतरा है? वेस्टिंग से बच्चे की इम्यूनिटी कमज़ोर हो जाती है। वह जल्दी बीमार पड़ता है, और बीमार होने पर उसकी जान को खतरा बढ़ जाता है। अगर समय पर पहचान न हो, तो वेस्टिंग परमानेंट नुकसान कर सकती है।
Statistics
भारत में एनएफएचएस-5 (2019-21) के डेटा के हिसाब से 5 साल से कम उम्र के 19.3% बच्चे वेस्टिंग से पीड़ित हैं। इसका मतलब लगभग 5 बच्चों में से 1 बच्चा वेस्टिंग का शिकार है। 2015-16 में यह आँकड़ा 21% था, मतलब थोड़ा सुधार हुआ है लेकिन अभी भी बहुत काम करना बाकी है।
Wasting vs Stunting
What is Stunting
स्टंटिंग का मतलब है कि बच्चा अपनी उम्र के हिसाब से बहुत छोटा है। यह कई साल की कुपोषण की वजह से होता है। स्टंटिंग को ठीक करना मुश्किल होता है क्योंकि यह बच्चे के शरीर में गहराई से बैठ चुका होता है.
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Key Differences
क्या आप जानते हैं कि वेस्टिंग और स्टंटिंग में क्या अंतर है? आइए इस टेबल से समझते हैं:
| Feature | Wasting | Stunting |
|---|---|---|
| Meaning | लंबाई के हिसाब से पतला | उम्र के हिसाब से छोटा |
| Type | एक्यूट (तुरंत की) समस्या | क्रोनिक (लंबे समय की) समस्या |
| Cause | हाल में खाने की कमी या बीमारी | सालों तक खाना न मिलना |
| Can be fixed | हाँ, सही इलाज से | मुश्किल, परमानेंट हो सकता है |
| Risk | तुरंत जान का खतरा | दिमाग और शरीर का विकास रुकना |
Why Both Are Important
पोषण अभियान दोनों समस्याओं पर काम करता है। लेकिन वेस्टिंग पर खास ध्यान दिया जाता है क्योंकि यह इमरजेंसी सिचुएशन है। जैसे डॉक्टर हार्ट अटैक को तुरंत इलाज करता है, वैसे ही वेस्टिंग को तुरंत पहचान कर इलाज करना ज़रूरी है।
Why Wasting Happens
Immediate Causes
Not Enough Food
जब बच्चे को भूख लगती है और उसे भरपेट खाना नहीं मिलता, तो उसका वज़न गिरने लगता है। क्या आपने कभी सोचा है कि एक छोटा बच्चा कितनी बार खाना चाहता है? 2 साल से कम उम्र के बच्चे को दिन में 5-6 बार खाना चाहिए। अगर नहीं मिलता, तो वेस्टिंग शुरू होती है।
Frequent Infections
डायरिया, निमोनिया, और दूसरे इन्फेक्शन बच्चे के शरीर से न्यूट्रिएंट्स चुरा लेते हैं। एक बार डायरिया होने पर बच्चा अपना वज़न 5-10% तक गवा सकता है। और अगर बार-बार बीमार हो, तो वज़न लौटता नहीं।
Underlying Causes
Mother’s Health
अगर माँ खुद कुपोषित है, तो बच्चा कम वज़न का पैदा होता है। यह बच्चे पहले से ही वेस्टिंग के खतरे में होते हैं।
Poor Sanitation
क्या आप जानते हैं कि गंदा पानी और खुले में शौच भी वेस्टिंग की वजह बन सकते हैं? जब बच्चा गंदा पानी पीता है, तो उसे डायरिया होता है। डायरिया से वेस्टिंग बढ़ती है।
Feeding Practices
6 महीने तक सिर्फ माँ का दूध देना ज़रूरी है। 6 महीने बाद बच्चे को खाना भी देना शुरू करना चाहिए। अगर ऐसा नहीं होता, तो वेस्टिंग का खतरा बढ़ जाता है।
Case Study: Madhya Pradesh Village
मध्य प्रदेश के एक गाँव में पिछले साल बाढ़ आई थी। लोगों के घर डूब गए। खाना खराब हो गया। बच्चे बीमार पड़ गए। दो महीने में उस गाँव में वेस्टिंग के केस 50% बढ़ गए। यह दिखाता है कि बीमारी और खाने की कमी मिलकर वेस्टिंग को कितनी तेज़ी से बढ़ा सकती हैं।
How We Measure Wasting
MUAC Tape Method
एमयूएसी मतलब मिड-अपर आर्म सरकम्फ्रेंस। यह एक सिंपल टेप होती है जो आंगनवाड़ी वर्कर बच्चे की ऊपरी बांह पर लपेट कर चेक करती है।
- ग्रीन ज़ोन: हेल्दी (बांह 12.5 सेंटीमीटर से ज़्यादा)
- येलो ज़ोन: मॉडरेट वेस्टिंग (11.5 सेंटीमीटर से 12.5 सेंटीमीटर के बीच)
- रेड ज़ोन: सिवियर वेस्टिंग (11.5 सेंटीमीटर से कम)
Weight for Height Method
बच्चे का वज़न और लंबाई दोनों मेज़र किया जाता है। फिर डब्ल्यूएचओ के ग्रोथ चार्ट से कंपेयर किया जाता है। अगर बच्चा लंबाई के हिसाब से बहुत कम वज़न का है, तो वेस्टिंग कंफर्म होती है।
Who Measures This
आंगनवाड़ी वर्कर्स हर महीने बच्चों का मेज़र करती हैं। पोषण ट्रैकर ऐप में यह डेटा डाला जाता है। ऐप खुद बता देता है कि वेस्टिंग है या नहीं।
Poshan Abhiyaan Approach
Four Pillars of Poshan Abhiyaan
Convergence
पोषण अभियान में 10 से ज़्यादा मिनिस्ट्रीज़ मिलकर काम करती हैं। जैसे विमेन एंड चाइल्ड डेवलपमेंट, हेल्थ, वॉटर, सैनिटेशन, और फूड। जब सब एक साथ काम करें, तो वेस्टिंग कम होती है।
ICT and Real Time Monitoring
पोषण ट्रैकर ऐप से डेटा रियल-टाइम अपडेट होता है। जब कोई बच्चा वेस्टिंग का शिकार होता है, तो ऐप तुरंत फ्लैग करता है। आंगनवाड़ी वर्कर और सुपरवाइजर दोनों को नोटिफिकेशन मिलती है।
Intensified Health Services
एसएएम (सिवियर एक्यूट मालन्यूट्रिशन) वाले बच्चों को स्पेशल फूड (आरयूटीएफ) दिया जाता है। उनका वज़न हर हफ्ते मेज़र किया जाता है। हेल्थ सेंटर से जोड़ कर उनका इलाज करवाया जाता है।
Jan Andolan
यह लोगों की भागीदारी है। समाज में जागरूकता फैलाई जाती है कि बच्चों को सही खाना मिले, साफ पानी मिले, और टाइम पर वैक्सीनेशन हो।
Government Target
पोषण अभियान का टारगेट है कि वेस्टिंग को हर साल 2% कम किया जाए। 2026 तक यह टारगेट 15% के आस-पास पहुँचने की उम्मीद है।
Poshan Tracker App
How the App Works
पोषण ट्रैकर ऐप में हर बच्चे का प्रोफाइल बनता है। आंगनवाड़ी वर्कर बच्चे का वज़न, लंबाई, और एमयूएसी डालती है। ऐप डब्ल्यूएचओ स्टैंडर्ड्स से कंपेयर करता है।
Real Life Example
उत्तर प्रदेश में एक आंगनवाड़ी वर्कर ने बताया कि पहले पेपर रजिस्टर्स में डेटा भरना पड़ता था। अब ऐप में डालते ही पता चल जाता है कि कौन सा बच्चा वेस्टिंग में है। उसके सुपरवाइजर को भी नोटिफिकेशन मिल जाती है और दोनों मिलकर बच्चे तक हेल्प पहुँचा पाते हैं।
Current Status
पोषण ट्रैकर पर 14 करोड़ से ज़्यादा बेनेफिशियरीज रजिस्टर्ड हैं। 14 लाख से ज़्यादा आंगनवाड़ी सेंटर्स ऐप से जुड़ी हैं। यह दुनिया की सबसे बड़ी न्यूट्रिशन ट्रैकिंग सिस्टम है।
What Parents Should Do
Step 1: Regular Check Up
हर महीने आंगनवाड़ी सेंटर जाकर बच्चे का मेज़र कराएँ। एमयूएसी टेप से चेक कराएँ। क्या आप जानते हैं कि आंगनवाड़ी में यह सर्विस बिल्कुल फ्री है?
Step 2: If Wasting is Found
अगर आंगनवाड़ी वर्कर बताए कि बच्चा वेस्टिंग में है, तो घबराइए नहीं। यह ट्रीटेबल है। आंगनवाड़ी से न्यूट्रिशन काउंसलिंग लें। एसएएम वाले बच्चों को आरयूटीएफ (स्पेशल थेराप्यूटिक फूड) दी जाती है।
Step 3: Food to Give
बच्चे को एनर्जी-डेंस खाना दें। खिचड़ी में घी डालें। अंडा, दूध, और हरी भाजी दें। फोर्टिफाइड फूड्स भी अच्छे होते हैं। याद रखें, बच्चे का पेट छोटा होता है। इसलिए थोड़ा-थोड़ा बार-बार खिलाएँ।
Case Study: Recovery Story
बिहार की एक माँ ने बताया कि उसका 2 साल का बच्चा सिवियर वेस्टिंग में था। आंगनवाड़ी वर्कर ने आरयूटीएफ दिया। हर हफ्ते वज़न मेज़र किया गया। 3 महीने में बच्चा नॉर्मल वज़न पर आ गया। आज वह हेल्दी है और स्कूल जा रहा है।
Success Stories Across States
States That Improved
एनएफएचएस-5 डेटा के मुताबिक, उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, और बिहार में वेस्टिंग रिडक्शन अच्छी हुई है। इन स्टेट्स में पोषण अभियान की मॉनिटरिंग बेहतर रही और आंगनवाड़ी वर्कर्स को बेहतर सपोर्ट मिला।
Example: Madhya Pradesh
मध्य प्रदेश में 2019-21 के बीच वेस्टिंग 27.9% से 22.9% तक आई। यह 5% की कमी है। यहाँ पोषण ट्रैकर का अच्छा उपयोग हुआ और एसएएम वाले बच्चों को आरयूटीएफ टाइम पर मिला।
Challenges in Reducing Wasting
Ground Level Problems
क्या आप जानते हैं कि आंगनवाड़ी वर्कर्स को अब भी कई प्रॉब्लम्स फेस करनी पड़ती हैं? उन्हें ऐप में इंग्लिश लैंग्वेज की प्रॉब्लम होती है। कभी फोन हैंग हो जाता है। कभी नेटवर्क नहीं मिलता।
Budget Concerns
एक रिपोर्ट के मुताबिक पोषण अभियान के बजट का 36% फोन्स और आईटी पर गया, लेकिन आंगनवाड़ी वर्कर्स के डिस्क्रेशनरी फंड का सिर्फ 2% हिस्सा था। जब वर्कर के पास खुद पैसा नहीं, तो वह बच्चों के लिए क्या कर सकती है?
Coverage Gaps
अभी भी कुछ बच्चे आंगनवाड़ी की सर्विसेज़ से नहीं जुड़ पाते। अर्बन स्लम्स में माइग्रेंट फैमिलीज़ को रीच करना मुश्किल होता है। इन बच्चों तक हेल्प पहुँचाना अभी भी एक चैलेंज है।
Frequently Asked Questions (FAQ)
1. Wasting kya hai?
वेस्टिंग का मतलब है कि बच्चा अपनी लंबाई के हिसाब से बहुत पतला है। यह एक्यूट मालन्यूट्रिशन का साइन है।
2. Wasting aur stunting mein kya antar hai?
वेस्टिंग तुरंत की समस्या है और ठीक हो सकती है। स्टंटिंग सालों की समस्या है और परमानेंट हो सकती है।
3. Kya wasting theek ho sakta hai?
हाँ, अगर टाइम पर पहचान हो और सही इलाज मिले, तो वेस्टिंग ठीक हो सकती है।
4. MUAC tape se wasting kaise check karein?
बच्चे की ऊपरी बांह पर टेप लपेट कर देखें। 12.5 सेंटीमीटर से कम है तो वेस्टिंग है। 11.5 सेंटीमीटर से कम है तो सिवियर वेस्टिंग है।
5. Poshan Abhiyaan me wasting ke liye kya kiya ja raha hai?
पोषण ट्रैकर ऐप से मॉनिटरिंग, एसएएम वाले बच्चों को आरयूटीएफ देना, आंगनवाड़ी वर्कर्स को ट्रेनिंग, और जन आंदोलन से जागरूकता।
6. Anganwadi se wasting mein kya madad milti hai?
फ्री चेक-अप, न्यूट्रिशन काउंसलिंग, एसएएम वाले बच्चों को आरयूटीएफ, और हेल्थ सेंटर से जोड़ना।
7. Wasting ke liye kaunsi sarkari yojana hai?
पोषण अभियान (अब मिशन पोषण 2.0) और सक्षम आंगनवाड़ी स्कीम इसके लिए मुख्य योजनाएँ हैं।
8. Kya wasting sirf gareebi ki vajah se hota hai?
गरीबी एक बड़ा कारण है, लेकिन बीमारी, गंदा पानी, गलत फीडिंग प्रैक्टिसेज़ भी कारण बन सकते हैं।
9. Wasting ke liye bachche ko kya khilana chahiye?
एनर्जी-डेंस फूड्स जैसे खिचड़ी में घी, अंडा, दूध, हरी भाजी, और फोर्टिफाइड फूड्स।
10. Kya Poshan Abhiyaan successful hai?
वेस्टिंग 21% से 19.3% हुई है। यह प्रोग्रेस है, लेकिन अभी भी बहुत काम बाकी है।
Conclusion
वेस्टिंग एक सीरियस समस्या है, लेकिन इसका इलाज पॉसिबल है। पोषण अभियान ने मॉनिटरिंग और इंटरवेंशन का स्ट्रॉन्ग सिस्टम दिया है। अब ज़रूरत है कि हर पैरेंट, हर आंगनवाड़ी वर्कर, और हर सिटिज़न मिलकर काम करे। अगर आपका बच्चा वेस्टिंग में है, तो तुरंत आंगनवाड़ी जाएँ। अगर किसी दूसरे का बच्चा है, तो उन्हें समझाएँ। क्या आप यह कदम उठा सकते हैं? हर बच्चा हेल्दी फ्यूचर का हकदार है। पोषण अभियान ने राह दिखा दी है, अब राह पर चलना हम सबका कर्तव्य है.