अगर आप OBC Scholarship 2026 (अन्य पिछड़ा वर्ग) या अल्पसंख्यक वर्ग से आते हैं और स्कूल से लेकर पीएचडी तक की पढ़ाई के दौरान ट्यूशन फीस, किताबें और रहने का खर्च सरकारी सहायता से कवर कराना चाहते हैं, तो यह लेख आपके लिए है। केंद्र और राज्य सरकारें ओबीसी छात्रों को पोस्ट मैट्रिक छात्रवृत्ति के तहत हर महीने ₹750 तक का रखरखाव भत्ता (Maintenance Allowance) देती हैं। लेकिन क्या आप जानते हैं कि यह ₹750 सिर्फ कुछ खास कोर्स और हॉस्टल में रहने वालों को ही मिलता है? इस लेख में हम हर नियम, हर अलाउंस और आवेदन के दौरान होने वाली सामान्य गलतियों को विस्तार से समझाएंगे, ताकि आपकी छात्रवृत्ति रुकने की नौबत न आए
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Eligibility Criteria
Who Can Apply?
ओबीसी छात्रवृत्ति के लिए आवेदन करने वाले छात्रों को तीन बुनियादी शर्तों पर खरा उतरना होता है:
- जाति प्रमाण पत्र: छात्र केंद्र या राज्य सरकार की ओबीसी सूची में शामिल जाति से होना चाहिए
- आय सीमा: परिवार की वार्षिक आय केंद्रीय योजनाओं के लिए ₹2.5 लाख से अधिक नहीं होनी चाहिए। (राज्य सरकारों की सीमा अलग हो सकती है, जैसे बिहार में ₹3 लाख।)
- शैक्षणिक स्तर: यह छात्रवृत्ति कक्षा 11 (पोस्ट-मैट्रिक) से लेकर पीएचडी तक के विद्यार्थियों को दी जाती है
Income Limit and Family Rules
परिवार की आय की गणना में माता-पिता या अभिभावक की सभी आय को जोड़ा जाता है। एक अहम नियम: परिवार में केवल दो पुरुष संतानें ही इस छात्रवृत्ति का लाभ ले सकती हैं। महिला संतानों पर यह सीमा लागू नहीं होती
राज्य स्तर पर बदलाव: 2026 में बिहार ने आय सीमा ₹1.5 लाख से बढ़ाकर ₹3 लाख कर दी है, और केंद्र सरकार ₹4.5 लाख की नई सीमा प्रस्तावित कर चुकी है
Course Group and Attendance
छात्रवृत्ति की राशि तय करने के लिए कोर्स को चार समूहों (ग्रुप ए, बी, सी, डी) में बांटा गया है:
- ग्रुप ए: पीएचडी, एम.फिल, प्रोफेशनल डिग्री (इंजीनियरिंग, एमबीबीएस आदि)
- ग्रुप बी: अन्य स्नातकोत्तर और स्नातक पाठ्यक्रम
- ग्रुप सी: कक्षा 11-12, डिप्लोमा
- ग्रुप डी: कक्षा 9-10 (पोस्ट-मैट्रिक से पहले)
उपस्थिति (अटेंडेंस) कम से कम 75% होनी चाहिए। यदि उपस्थिति इससे कम रहती है, तो छात्रवृत्ति रोक दी जाती है
How Much Money You Get – Table and Explanation
Monthly Maintenance Allowance
यह वह राशि है जो हर महीने छात्र के बैंक खाते में आती है। ₹750 का आंकड़ा केवल ग्रुप ए के हॉस्टलरों को मिलता है। नीचे दी गई तालिका में सभी समूहों और हॉस्टलर बनाम डे स्कॉलर के लिए स्पष्ट राशि दी गई है:
| कोर्स ग्रुप | हॉस्टलर (प्रति माह) | डे स्कॉलर (प्रति माह) |
|---|---|---|
| ग्रुप ए | ₹750 | ₹350 |
| ग्रुप बी | ₹550 | ₹280 |
| ग्रुप सी | ₹300 | ₹160 |
एक और शर्त: यदि छात्र को हॉस्टल में मुफ्त भोजन और रहने की सुविधा मिलती है, तो यह राशि घटाकर केवल एक तिहाई (1/3) दी जाती है
Other Allowances (Tuition, Books, Thesis, etc.)
केवल मासिक भत्ता ही नहीं, बल्कि कई अन्य खर्चे भी सरकार कवर करती है:
- ट्यूशन फीस: अधिकतम निर्धारित सीमा तक पूरी फीस वापस मिलती है। निजी गैर-अनुदानित कॉलेजों में 50% फीस ही मिल पाती है
- पुस्तक व स्टेशनरी: ग्रुप ए को ₹3,000/वर्ष, ग्रुप बी को ₹2,500/वर्ष, ग्रुप सी को ₹2,000/वर्ष
- रीडर शुल्क (नेत्रहीन छात्र): ₹175 प्रति माह, केवल ग्रुप ए और बी के लिए।
- अध्ययन दौरा (स्टडी टूर): अधिकतम ₹900 प्रति वर्ष
- थीसिस/प्रबंधन मुद्रण: ₹1,000 तक
Real Example – PhD Student from Delhi
केस स्टडी 1: रोहित ने दिल्ली विश्वविद्यालय में पीएचडी (ग्रुप ए) में प्रवेश लिया। वह हॉस्टल में रहता है। उसे ₹750/माह मिलते हैं, ₹3,000/वर्ष पुस्तक भत्ता, और थीसिस प्रिंटिंग के ₹1,000। कुल मिलाकर एक साल में उसे लगभग ₹12,000 से अधिक की सहायता मिलती है
Central vs. State Scholarships – Which One to Apply
National Scholarship Portal (NSP) Schemes
केंद्रीय योजनाएं जैसे पीएम यासस्वी (PM YASASVI) और पोस्ट मैट्रिक ओबीसी स्कॉलरशिप NSP पर ऑनलाइन उपलब्ध हैं। इनमें ट्यूशन फीस और रखरखाव भत्ता दोनों शामिल हैं। लेकिन इनकी आय सीमा सख्त (₹2.5 लाख) है और भुगतान अक्सर शैक्षणिक वर्ष के अंत (फरवरी-मार्च) में होता है
State-Specific Portals – Often Pay More
केस स्टडी 2: महाराष्ट्र की मेधा ने MahaDBT पोर्टल पर आवेदन किया। उसे राज्य की योजना के तहत ट्यूशन फीस पूरी और अतिरिक्त ₹10,000 वार्षिक मिला, जो केंद्रीय योजना से अधिक था
महत्वपूर्ण: राज्य पोर्टल (जैसे MahaDBT, MPTAAS, ePASS, Jnanabhumi) अक्सर केंद्रीय योजनाओं से ज्यादा पैसा देते हैं। विद्यार्थी को दोनों जगह आवेदन करना चाहिए, लेकिन एक ही खर्च (जैसे ट्यूशन फीस) के लिए दोहरा लाभ नहीं लिया जा सकता
Strategic Approach – Apply to Multiple
छात्र एक ही शैक्षणिक वर्ष में NSP और राज्य पोर्टल दोनों पर आवेदन कर सकते हैं। यदि दोनों योजनाओं में चयन होता है, तो आपको उनमें से एक चुनना होता है (आमतौर पर ज्यादा लाभ वाली)। रखरखाव भत्ता अलग-अलग स्रोतों से लिया जा सकता है यदि नियम अनुमति दें
Step-by-Step Application Process
Registration on NSP or State Portal
- NSP के लिए: scholarships.gov.in पर जाएं। पहले वन टाइम रजिस्ट्रेशन (OTR) पूरा करें। OTR के बिना आवेदन संभव नहीं है
- राज्य पोर्टल: अपने राज्य के DBT पोर्टल (जैसे MahaDBT, MPTAAS) पर पंजीकरण करें। दोनों जगह अलग-अलग आईडी बनानी होती हैं
Document Upload and Verification
आवश्यक दस्तावेज:
- ओबीसी जाति प्रमाण पत्र (ताजा, राज्य की तारीख के अनुसार)
- आय प्रमाण पत्र (निर्धारित प्रारूप में)
- पिछली कक्षा की अंकसूची
- प्रवेश पत्र/फीस रसीद
- बैंक पासबुक (आधार से लिंक)
- हॉस्टल प्रमाण पत्र (यदि हॉस्टलर का दावा कर रहे हैं)
सबसे बड़ी गलती: केवल ऑनलाइन अपलोड करना पर्याप्त नहीं है। महाराष्ट्र में 93,326 आवेदन भौतिक सत्यापन न होने के कारण अटके हैं। अपने कॉलेज के एनओडीएल अधिकारी से जाकर भौतिक जांच करवाना अनिवार्य है
Tracking and Grievance
आवेदन जमा करने के बाद पोर्टल पर स्टेटस चेक करें:
- Submitted → 2. Institute Verified → 3. DNO/SNO Verified → 4. Approved → 5. Disbursed
यदि स्टेटस 15 दिन से अधिक समय तक ‘Institute Verified’ पर अटका हो, तो कॉलेज के प्राचार्य से संपर्क करें। यदि रिजेक्ट हो, तो पोर्टल पर ग्रीवांस दर्ज करें। NSP हेल्पलाइन: 0120-6619540।
Common Rejection Reasons – and How to Avoid Them
Name or Date Mismatch
आधार, स्कूल सर्टिफिकेट और बैंक पासबुक में नाम और जन्मतिथि बिल्कुल एक समान होनी चाहिए। एक अक्षर का अंतर भी रिजेक्शन का कारण बनता है
Income Certificate Outdated
आंध्र प्रदेश में आय प्रमाण पत्र 1 जनवरी 2026 के बाद का होना चाहिए, तेलंगाना में 1 अप्रैल 2026 के बाद का। पुराना सर्टिफिकेट अपलोड करने पर ऑटो-रिजेक्शन होता है
Bank Account Not Aadhaar-Linked
छात्रवृत्ति डीबीटी से आती है। यदि बैंक खाता आधार से लिंक नहीं है, तो पैसा भेजा ही नहीं जाता, और कोई स्पष्ट एरर मैसेज भी नहीं आता
Two-Child Rule for Male Students
परिवार में दो से अधिक पुत्र होने पर तीसरे पुत्र को छात्रवृत्ति नहीं मिलती। यह नियम अक्सर छात्रों को पता नहीं होता और आवेदन रिजेक्ट हो जाते हैं
Course Change Between Academic Years
यदि छात्र ने एक शैक्षणिक वर्ष में कोर्स बदल दिया (जैसे बी.ए. से बी.कॉम), तो अगले वर्ष की छात्रवृत्ति के लिए वह पात्र नहीं रहता। नियमित कोर्स में ही निरंतरता जरूरी है
Recent Updates for 2026-27
Income Limit Proposed Hike
केंद्र सरकार ने आय सीमा ₹2.5 लाख से बढ़ाकर ₹4.5 लाख करने का प्रस्ताव रखा है। यह वित्त आयोग की अगली अवधि (2026-27 से 2030-31) में लागू हो सकता है। अभी भी ₹2.5 लाख ही मान्य है, लेकिन जिन छात्रों की आय इससे अधिक है, उन्हें सरकारी अधिसूचना पर नजर रखनी चाहिए
Bihar Doubled Scholarship Amounts
बिहार सरकार ने जनवरी 2026 में ओबीसी छात्रों की छात्रवृत्ति दोगुनी कर दी। कक्षा 1-4 के लिए ₹600 से ₹1,200, कक्षा 5-6 के लिए ₹1,200 से ₹2,400, कक्षा 7-10 के लिए ₹1,800 से ₹3,600 प्रति वर्ष। आय सीमा बढ़ाकर ₹3 लाख की गई
Parliamentary Committee Report – Implementation Failures
मार्च 2026 में संसदीय समिति ने बताया कि पोस्ट मैट्रिक छात्रवृत्ति का लक्ष्य 76.55 लाख के मुकाबले केवल 36.07 लाख छात्रों तक पहुंच पाया। फ्री कोचिंग स्कीम का बजट ₹20 करोड़ था, लेकिन खर्च केवल ₹7.11 करोड़ हुआ। समिति ने स्पष्ट कहा कि छात्रवृत्ति उसी शैक्षणिक वर्ष में दी जानी चाहिए, अन्यथा यह अपना उद्देश्य पूरा नहीं करती
FAQ – Frequently Asked Questions
1. क्या OBC छात्रवृत्ति में ₹750 सभी को मिलते हैं?
नहीं, यह राशि केवल ग्रुप ए के कोर्स (पीएचडी, एम.फिल, प्रोफेशनल) में हॉस्टल में रहने वालों को मिलती है। डे स्कॉलर को ₹350 मिलते हैं
2. आय सीमा ₹2.5 लाख से अधिक हो तो क्या करें?
वर्तमान में केंद्रीय योजनाएं ₹2.5 लाख से अधिक पर नहीं देतीं। लेकिन राज्य योजनाएं (जैसे बिहार में ₹3 लाख) देख सकते हैं। साथ ही ₹4.5 लाख की प्रस्तावित सीमा पर नजर रखें
3. क्या प्राइवेट कॉलेज में पढ़ने पर छात्रवृत्ति मिलती है?
हां, लेकिन ट्यूशन फीस का पूरा भुगतान सरकारी या सहायता प्राप्त कॉलेजों में ही होता है। निजी गैर-अनुदानित कॉलेजों में अधिकतम 50% फीस ही मिलती है
4. छात्रवृत्ति के लिए न्यूनतम उपस्थिति कितनी चाहिए?
75% उपस्थिति अनिवार्य है। इससे कम होने पर अगले वर्ष की छात्रवृत्ति रोक दी जाती है
5. क्या मैं NSP और राज्य पोर्टल दोनों पर आवेदन कर सकता हूँ?
हां, कर सकते हैं। लेकिन एक ही मद (जैसे ट्यूशन फीस) के लिए दोनों से लाभ नहीं ले सकते। चयन होने पर बेहतर योजना चुननी होती है
6. आवेदन रिजेक्ट हो गया, अब क्या करें?
पोर्टल पर रिजेक्शन का कारण देखें। यदि दस्तावेज सही हैं, तो ग्रीवांस दर्ज करें। अगर पोर्टल में सुधार की सुविधा हो, तो तुरंत सही जानकारी भरें
7. नेत्रहीन छात्रों के लिए अलग से क्या सुविधा है?
रीडर शुल्क ₹175 प्रति माह (ग्रुप ए और बी) मिलता है। इसके लिए अलग से आवेदन नहीं करना पड़ता, बस छात्रवृत्ति फॉर्म में विकलांगता का उल्लेख करें
8. क्या दूरस्थ शिक्षा (डिस्टेंस) के छात्र भी पात्र हैं?
हां, यदि संस्थान मान्यता प्राप्त है और पाठ्यक्रम अनुमोदित है, तो आवेदन कर सकते हैं। हॉस्टल भत्ता नहीं मिलेगा, क्योंकि वे हॉस्टल में नहीं रहते
9. पिछले साल की छात्रवृत्ति नहीं मिली, तो क्या इस साल मिलेगी?
हर वर्ष अलग आवेदन होता है। पिछले वर्ष के बकाए के लिए संबंधित अधिकारी से संपर्क करें। नए सत्र के लिए नया आवेदन अवश्य करें
10. छात्रवृत्ति की स्थिति कहाँ चेक करें?
NSP या राज्य पोर्टल के डैशबोर्ड पर लॉगिन करके। डीबीटी के तहत पैसा सीधे बैंक खाते में आता है, इसलिए पासबुक में भी चेक करें
Final Checklist Before You Apply
- जाति प्रमाण पत्र (ताजा, सही प्रारूप)
- आय प्रमाण पत्र (निर्धारित तिथि के अनुसार)
- आधार बैंक खाते से लिंक है
- अंकसूची, प्रवेश पत्र, फीस रसीद
- हॉस्टल प्रमाण पत्र (यदि हॉस्टलर का दावा)
- परिवार में दो पुत्र से अधिक न हों (पुत्रियों पर कोई सीमा नहीं)
- कॉलेज में भौतिक सत्यापन करवा लिया गया है
अंतिम सलाह: छात्रवृत्ति के नियम हर साल बदल सकते हैं। सबसे भरोसेमंद जानकारी के लिए scholarships.gov.in और अपने राज्य के शिक्षा विभाग के पोर्टल को नियमित देखें। अगर आपको आवेदन में कोई दिक्कत आती है, तो ऊपर दिए हेल्पलाइन नंबरों पर संपर्क करें। याद रखें, सही दस्तावेज और समय पर आवेदन ही सफलता की कुंजी ह