Ujjain Mein Kamdhenu Yojana MP — District Office Contact Aur Process


Introduction

Ujjain Mein Kamdhenu Yojana MP — District Office Contact Aur Process क्या आप उज्जैन जिले के किसान हैं? क्या आप डेयरी व्यवसाय शुरू करके अपनी आय दोगुनी करना चाहते हैं? मध्य प्रदेश सरकार ने किसानों के लिए एक सुनहरा अवसर लेकर आई है – डॉ. भीमराव अंबेडकर कामधेनु योजना। यह योजना 14 अप्रैल 2025 को लॉन्च की गई थी और इसका उद्देश्य राज्य को देश का “मिल्क कैपिटल” बनाना है

इस लेख में हम आपको बताएंगे कि उज्जैन जिले में इस योजना के लिए कैसे आवेदन करें, जिला कार्यालय का संपर्क क्या है, और इस प्रक्रिया में किन बातों का ध्यान रखना चाहिए। यह लेख पढ़ने के बाद आपको हर एक स्टेप साफ समझ में आ जाएगा

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Ujjain District Office Contact Details

Office Address and Location

उज्जैन जिले में कामधेनु योजना से जुड़े सभी कामों के लिए जिला पशु चिकित्सा कार्यालय (Chief Veterinary Officer) जिम्मेदार है। यह कार्यालय कलेक्ट्रेट के पास स्थित है। अगर आप उज्जैन शहर में रहते हैं तो आप आसानी से यहां पहुंच सकते हैं। अगर आप बाहरी इलाके से हैं तो पहले बस स्टैंड या रेलवे स्टेशन से कलेक्ट्रेट का रास्ता पूछ लें

Phone Number and Helpline

फिलहाल इस योजना के लिए कोई अलग हेल्पलाइन नंबर जारी नहीं किया गया है। लेकिन आप जिला पशु चिकित्सा कार्यालय के नंबर 0755-XXX (जिला कार्यालय में संपर्क करें) पर कॉल कर सकते हैं। साथ ही, आप अपने ब्लॉक के पशु चिकित्सा अधिकारी (Block Veterinary Officer) से भी संपर्क कर सकते हैं। उज्जैन के तहसील – बड़नगर, महिदपुर, घटिया, तराना, और खाचरौद – में ये अधिकारी मौजूद हैं

Best Time to Visit

कार्यालय का समय सुबह 10:30 बजे से शाम 5:00 बजे तक है। सोमवार से शुक्रवार तक आप यहां जा सकते हैं। शनिवार और रविवार को कार्यालय बंद रहता है। किसी भी आवेदन या पूछताछ के लिए सुबह 11 बजे के बाद जाना सबसे अच्छा रहता है, क्योंकि उस समय सभी अधिकारी मौजूद होते हैं


What Is Kamdhenu Yojana?

Scheme Launch and Goal

यह योजना मध्य प्रदेश सरकार की महत्वाकांक्षी योजना है। इसे डॉ. भीमराव अंबेडकर की 135वीं जयंती पर लॉन्च किया गया था। इस योजना का मुख्य लक्ष्य राज्य में दूध उत्पादन को 10 लाख लीटर प्रतिदिन से बढ़ाकर 50 लाख लीटर प्रतिदिन करना है। केंद्रीय सहकारिता मंत्री अमित शाह ने यह लक्ष्य रखा था

Department Name Change

पशुपालन विभाग का नाम अब “गौ पालन विभाग” कर दिया गया है। यह बदलाव गौवंश के कल्याण और डेयरी विकास पर फोकस बढ़ाने के लिए किया गया है। इसलिए जब भी आप कार्यालय जाएं, तो “गौ पालन विभाग” का नाम याद रखें

First Month Response

योजना शुरू होने के पहले महीने में ही पूरे मध्य प्रदेश से 1,400 से अधिक आवेदन आ चुके हैं। उज्जैन जिले से भी कई किसानों ने आवेदन किया है। करीब 600-700 आवेदकों ने प्रशिक्षण पूरा कर लिया है, और 350-400 मामले बैंकों को भेजे जा चुके हैं। यानी, योजना में तेजी से काम हो रहा है


Who Can Apply?

Residency and Age Rules

इस योजना के लिए आवेदक का मध्य प्रदेश का स्थायी निवासी होना जरूरी है। आपकी उम्र 21 वर्ष से अधिक होनी चाहिए। अगर आप संयुक्त परिवार में रहते हैं, तो भी आप आवेदन कर सकते हैं, लेकिन सभी सदस्यों की सहमति जरूरी होगी

Land Requirement

यह सबसे अहम शर्त है। आपके पास कम से कम 3.5 एकड़ जमीन होनी चाहिए। यह जमीन आपकी अपनी हो, या संयुक्त परिवार की, या फिर लंबी अवधि के लिए पट्टे पर ली गई हो। जमीन उसी तहसील में होनी चाहिए जहां आप डेयरी यूनिट लगाना चाहते हैं। क्या आपके पास 3.5 एकड़ जमीन है? अगर नहीं, तो पट्टे पर जमीन लेने का विकल्प देख सकते हैं

Animal Specifications

आपको कम से कम 25 दूध देने वाले पशु रखने होंगे। ये सभी पशु एक ही नस्ल के होने चाहिए। मतलब, सभी देसी गाय (गिर, साहीवाल), या सभी क्रॉसब्रीड गाय (जर्सी, होलस्टीन फ्रिजियन), या सभी भैंस (मुर्रा) – मिक्स नस्ल की अनुमति नहीं है। यह नियम क्यों बनाया गया? ताकि दूध उत्पादन और पशु प्रबंधन में एकरूपता रहे।

Training Mandate

आवेदन करने से पहले डेयरी फार्मिंग का प्रशिक्षण लेना अनिवार्य है। यह प्रशिक्षण सरकार द्वारा मान्यता प्राप्त संस्थान से होना चाहिए। अगर आपने अभी तक प्रशिक्षण नहीं लिया है, तो पहले वह पूरा करें, उसके बाद ही आवेदन करें


Financial Help – Subsidy and Loan

Project Cost Details

एक यूनिट (25 पशु) के लिए प्रोजेक्ट की लागत अलग-अलग होती है:

  • क्रॉसब्रीड गाय या भैंस: ₹42 लाख तक
  • देसी गाय: ₹36 लाख

Subsidy Breakdown

सरकार अनुसूचित जाति/जनजाति और सामान्य/अन्य पिछड़ा वर्ग के लिए अलग-अलग सब्सिडी देती है:

श्रेणीप्रोजेक्ट लागतसब्सिडी %सब्सिडी राशि (लगभग)बैंक लोन
अनुसूचित जाति/जनजाति₹42 लाख33%₹14 लाख₹28 लाख
सामान्य/अन्य पिछड़ा वर्ग₹42 लाख25%₹10.5 लाख₹31.5 लाख

लेकिन एक बात ध्यान रखें: यह सब्सिडी आपको तुरंत नहीं मिलती। यह 3 साल बाद एकमुश्त दी जाती है, अगर आपकी डेयरी सही से चल रही हो

Loan Structure and Repayment

बैंक लोन 4 किस्तों में दिया जाता है – पहले 8 पशु, फिर 8, फिर 9। यानी, आपको पहले 8 पशुओं की खरीद के लिए पैसा मिलता है, फिर धीरे-धीरे बाकी। लोन चुकाने की अवधि 7 साल है। अगर आप जल्दी चुकाना चाहें तो कोई पेनल्टी नहीं है


Step-by-Step Application Process

Step 1 – Online Registration

सबसे पहले आधिकारिक वेबसाइट www.mpdah.gov.in पर जाएं। वहां “कामधेनु योजना” का लिंक दिखेगा। उस पर क्लिक करें। अपना समग्र आईडी और मोबाइल नंबर से रजिस्ट्रेशन करें। अगर आपके पास समग्र आईडी नहीं है, तो पहले वह बनवा लें

Step 2 – Project Report Submission

ऑनलाइन फॉर्म भरने के बाद आपको प्रोजेक्ट रिपोर्ट जमा करनी होगी। यह रिपोर्ट बताती है कि आप कहां डेयरी लगाएंगे, कितना शेड बनाएंगे, पानी और चारे की क्या व्यवस्था है। यह रिपोर्ट जिला पशु चिकित्सा कार्यालय में जमा करनी होती है

Step 3 – Document Upload and Verification

सारे दस्तावेज़ ऑनलाइन अपलोड करें। फिर जिला स्तर पर एक कमेटी आपके दस्तावेज़ और जमीन की जांच करती है। यह प्रक्रिया 7-10 दिन में पूरी हो जाती है

Step 4 – Training Certificate and Loan Sanction

वेरिफिकेशन के बाद आपको प्रशिक्षण प्रमाणपत्र जमा करना होगा। अगर आपने पहले से प्रशिक्षण ले रखा है, तो यह स्टेप जल्दी पूरा होगा। इसके बाद बैंक लोन स्वीकृत करता है और किस्तों में पैसा जारी करता है


Documents You Need

Identity and Address Proof

  • आधार कार्ड
  • समग्र आईडी
  • बैंक पासबुक

Land and Caste Documents

  • जमीन के दस्तावेज़ (खसरा, खतौनी)
  • जाति प्रमाण पत्र (यदि लागू हो)
  • पट्टा हो तो पट्टा दस्तावेज़

Training and Photo

  • प्रशिक्षण प्रमाणपत्र (डेयरी फार्मिंग का)
  • पासपोर्ट साइज फोटो

Modern Technology – AI with Sex-Sorted Semen

H3: What Is This Technology?

मध्य प्रदेश ने एक नई तकनीक अपनाई है – सेक्स-सॉर्टेड सेमन से आर्टिफिशियल इंसीमिनेशन। यह तकनीक सुनिश्चित करती है कि गाय के पेट से 90% से अधिक बछिया पैदा हो

How Does It Benefit Farmers?

सामान्य तरीके से 50% मादा और 50% नर बछड़े पैदा होते हैं। लेकिन इस तकनीक से मादा बछड़ों की संख्या बढ़ जाती है, जिससे दूध उत्पादन बढ़ता है और बेकार नर पशु कम होते हैं। यह तकनीक महंगी है – बाजार में ₹850 प्रति डोज़, लेकिन सरकार किसानों को ₹100 में देती है

Where to Get It in Ujjain?

उज्जैन के सभी प्रमुख पशु चिकित्सा केंद्रों पर यह सुविधा उपलब्ध है। आप अपने नजदीकी केंद्र पर जाकर जानकारी ले सकते हैं


Ujjain District Response and Success

Applications Received

उज्जैन जिले से अब तक 100 से अधिक आवेदन आ चुके हैं। यह संख्या लगातार बढ़ रही है। राज्य सरकार ने इस योजना के लिए बड़ा बजट रखा है, लेकिन आवेदन “फर्स्ट कम फर्स्ट सर्व” के आधार पर होंगे। यानी, जितनी जल्दी आवेदन करेंगे, उतनी जल्दी लाभ मिलेगा

Modern Shelters in Ujjain

उज्जैन उन चार शहरों में शामिल है – जिनमें भोपाल, इंदौर, जबलपुर और उज्जैन – जहां 5,000 से अधिक आवारा पशुओं के लिए आधुनिक शेल्टर बनाए जा रहे हैं। यह योजना के सफल क्रियान्वयन में सहायक होगा

Case Study – Goa Scheme Delay

गोवा में कामधेनु योजना 8 महीने तक अटकी रही थी क्योंकि बीमा कंपनियों के साथ एग्रीमेंट नहीं हो पाया था। किसानों को किस्तें चुकानी पड़ीं, लेकिन पशु नहीं मिले। सीख: हमेशा यह सुनिश्चित करें कि पशु खरीदने से पहले बीमा की व्यवस्था पूरी हो। ज्यादा चारा तैयार करने से पहले डिलीवरी की तारीख पक्की कर लें


Frequently Asked Questions (FAQ)

1. इस योजना के लिए आधिकारिक वेबसाइट क्या है?
आधिकारिक वेबसाइट www.mpdah.gov.in और dbaky.mp.gov.in है।

2. उज्जैन में कामधेनु योजना का कार्यालय कहां है?
कलेक्ट्रेट के पास जिला पशु चिकित्सा कार्यालय में

3. क्या 25 पशुओं से कम में योजना का लाभ ले सकते हैं?
नहीं, न्यूनतम यूनिट 25 पशु की है

4. क्या पट्टे की जमीन मान्य है?
हां, लेकिन पट्टा दीर्घकालिक होना चाहिए और जमीन उसी तहसील में हो

5. सब्सिडी कब मिलती है?
3 साल बाद, अगर डेयरी सही से चल रही हो, तो एकमुश्त राशि मिलती है

6. क्या महिलाएं आवेदन कर सकती हैं?
हां, महिलाएं आवेदन कर सकती हैं। अनुसूचित जाति/जनजाति महिलाओं को प्राथमिकता दी जाती है

7. प्रशिक्षण कहां से लें?
सरकार द्वारा मान्यता प्राप्त किसी भी संस्थान से डेयरी फार्मिंग का प्रशिक्षण लें

8. अगर मेरे पास 3.5 एकड़ जमीन नहीं है तो क्या करूं?
आप पट्टे पर जमीन ले सकते हैं, या अन्य छोटी डेयरी योजनाओं के बारे में पूछ सकते हैं

9. बैंक लोन कितनी किस्तों में मिलता है?
4 किस्तों में (8+8+9 पशुओं के हिसाब से)

10. अगर मेरा आवेदन रिजेक्ट हो जाए तो क्या करूं?
आप जिला पशु चिकित्सा कार्यालय में संपर्क करके रिजेक्शन का कारण जान सकते हैं और सुधार करके फिर से आवेदन कर सकते हैं


Conclusion

क्या आपने सोचा है कि अगर आप इस योजना का लाभ लेते हैं तो आपकी आय में कितना बदलाव आ सकता है? क्या आप अपने परिवार को बेहतर भविष्य देने के लिए तैयार हैं? यह योजना उज्जैन के किसानों के लिए एक सुनहरा अवसर है। लेकिन याद रखें – आवेदन “फर्स्ट कम फर्स्ट सर्व” के आधार पर होंगे। जितनी जल्दी आप आवेदन करेंगे, उतनी जल्दी आपको लाभ मिलेगा

आज ही अपने दस्तावेज़ तैयार करें, प्रशिक्षण पूरा करें, और उज्जैन जिला पशु चिकित्सा कार्यालय में संपर्क करें। इस योजना से जुड़ी अधिक जानकारी के लिए आधिकारिक वेबसाइट देखें या कार्यालय जाकर मार्गदर्शन लें http://ujjain.kamdhenu.mp.

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