PM Viksit Bharat Rozgar Yojana: Part A vs Part B Guide

Table of Contents

Introduction

PM Viksit Bharat Rozgar Yojana: Part A vs Part B

PM Viksit Bharat Rozgar Yojana: Part A vs Part B

PM विकसित भारत रोजगार योजना (PMVBRY) भारत सरकार की एक महत्वाकांक्षी योजना है, जिसे 1 अगस्त 2025 को लॉन्च किया गया। इस योजना का मुख्य उद्देश्य देश में औपचारिक रोजगार के अवसर बढ़ाना है। सरकार ने इसके लिए ₹99,446 करोड़ का बजट आवंटित किया है, जिससे 3.5 करोड़ से अधिक नौकरियां सृजित करने का लक्ष्य रखा गया है।

यह योजना मुख्य रूप से दो हिस्सों में बंटी है: Part A, जो पहली बार नौकरी पाने वाले युवाओं को प्रोत्साहित करता है, और Part B, जो अतिरिक्त रोजगार सृजित करने वाले नियोक्ताओं (Employers) को सहायता प्रदान करता है।

PM Viksit Bharat Rozgar Yojana के मुख्य भाग

यह योजना दो भागों में बंटी है – पार्ट A और पार्ट B।

  • पार्ट A (युवाओं के लिए): यह उन युवाओं को सीधे वित्तीय सहायता देता है जो पहली बार नौकरी करने जा रहे हैं। यदि आप पहली बार नौकरी की शुरुआत कर रहे हैं, तो आपके लिए यह भाग समझना बेहद जरूरी है।
  • पार्ट B (नियोक्ताओं के लिए): यह उन नियोक्ताओं (Employers) को प्रोत्साहित करता है जो अपने संस्थान में अतिरिक्त कर्मचारियों की संख्या बढ़ाते हैं। यदि आप एक व्यवसायी या नियोक्ता हैं, तो पार्ट B की बारीकियां समझना आपके लिए अत्यंत लाभकारी हो सकता है।

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पार्ट A – पहली बार नौकरी करने वाले कर्मचारियों के लिए प्रोत्साहन

पार्ट A उन युवाओं के लिए है जो अपने जीवन में पहली बार किसी औपचारिक क्षेत्र में नौकरी कर रहे हैं। इस योजना के तहत पात्र कर्मचारियों को ₹15,000 तक की वित्तीय सहायता दी जाती है

पार्ट A के लिए कौन पात्र है?

यदि आप निम्नलिखित शर्तों को पूरा करते हैं, तो आप पार्ट A के लिए पात्र हैं:

PMVBRY पात्रता मानदंड

PMVBRY पात्रता मानदंड (Eligibility Criteria)

शर्त (Criteria) विवरण (Details)
राष्ट्रीयता भारतीय नागरिक
आयु 18 से 54 वर्ष के बीच
मासिक वेतन ₹1,00,000 से अधिक नहीं
ईपीएफ इतिहास इससे पहले कभी ईपीएफ में योगदान नहीं किया हो
यूएएन (UAN) आधार से लिंक वैध यूएएन होना चाहिए
नौकरी में शामिल होने की तारीख 1 अगस्त 2025 से 31 जुलाई 2027 के बीच

ध्यान देने वाली बात:

वेतन सीमा ₹1,00,000 आपके सकल मासिक वेतन पर लागू होती है, न कि केवल मूल वेतन पर। यदि आपका सकल वेतन ₹99,000 है, तो आप पात्र हैं। लेकिन यदि यह ₹1,01,000 है, तो आप पात्र नहीं हैं

कितनी राशि मिलती है और कब?

पात्र कर्मचारियों को अधिकतम ₹15,000 की राशि दो किस्तों में मिलती है:

PMVBRY किस्त विवरण

पीएम विकसित भारत रोजगार योजना: किस्त विवरण

किस्त (Installment) राशि (Amount) समय (Duration) शर्त (Conditions)
पहली ₹7,500 तक 6 महीने की निरंतर सेवा के बाद ईपीएफ योगदान ईसीआर (ECR) में दिखना चाहिए
दूसरी ₹7,500 तक 12 महीने की निरंतर सेवा के बाद वित्तीय साक्षरता कार्यक्रम पूरा करना + बचत साधन में जमा

उदाहरण:

मान लीजिए आपका मासिक वेतन ₹25,000 है। तो आपको कुल ₹15,000 मिलेंगे। पहली किस्त ₹7,500 आपको 6 महीने बाद मिलेगी और दूसरी किस्त ₹7,500 12 महीने बाद, बशर्ते आप वित्तीय साक्षरता कार्यक्रम पूरा करें

वित्तीय साक्षरता कार्यक्रम क्या है?

यह एक अनिवार्य कोर्स है जिसे पहली बार नौकरी करने वाले कर्मचारियों को दूसरी किस्त प्राप्त करने के लिए पूरा करना होता है। इस कोर्स में यह समझाया जाता है:

  • ईपीएफ कैसे काम करता है
  • नियमित बचत क्यों महत्वपूर्ण है
  • पहली सैलरी का जिम्मेदारी से प्रबंधन कैसे करें
  • औपचारिक रोजगार के दीर्घकालिक लाभ

यह कोर्स ईपीएफओ इकोसिस्टम के माध्यम से उपलब्ध है और इसे पूरा करने में लगभग 2-3 घंटे लगते हैं

आवेदन कैसे करें?

पार्ट A के लिए कर्मचारियों को अलग से कोई आवेदन नहीं भरना पड़ता। आपकी पात्रता स्वतः निर्धारित होती है। बस इन चरणों का पालन करें:

  1. अपनी पहली बार की स्थिति की पुष्टि करें – जांच लें कि आपके यूएएन या आधार से जुड़ी कोई पिछली ईपीएफ प्रविष्टि तो नहीं है
  2. UMANG ऐप के माध्यम से UAN जनरेट करें – UMANG ऐप डाउनलोड करें और फेस ऑथेंटिकेशन तकनीक का उपयोग करके अपना UAN बनाएं
  3. नियोक्ता पहली ईपीएफ योगदान फाइल करे – आपके नियोक्ता को इलेक्ट्रॉनिक चालान-सह-रिटर्न (ईसीआर) में आपका नाम शामिल करना होगा
  4. केवाईसी सीडिंग पूरी करें – अपने UAN को आधार और बैंक खाते से लिंक करें
  5. निरंतर सेवा बनाए रखें – 6 महीने और 12 महीने तक लगातार सेवा जारी रखें

पात्रता कब समाप्त होती है?

इन स्थितियों में आपका प्रोत्साहन रुक जाता है:

  • नौकरी छोड़ना या नौकरी से निकाले जाना
  • कर्मचारी की मृत्यु
  • प्रतिष्ठान का बंद होना
  • गलत जानकारी या धोखाधड़ी पाए जाने पर

पार्ट B – नियोक्ताओं के लिए प्रोत्साहन

पार्ट B – नियोक्ताओं के लिए प्रोत्साहन

पार्ट B उन नियोक्ताओं को पुरस्कृत करता है जो अपने कर्मचारियों की संख्या बढ़ाते हैं। यह हिस्सा विशेष रूप से उन व्यवसायों के लिए फायदेमंद है जो औपचारिक रोजगार सृजित करने में योगदान देते हैं

कौन से नियोक्ता पात्र हैं?

निम्नलिखित प्रतिष्ठान पार्ट B के लिए पात्र हैं:

  • ईपीएफ और एमपी अधिनियम, 1952 के तहत पंजीकृत सभी प्रतिष्ठान
  • जो नियमित रूप से ईसीआर फाइल करते हैं
  • मौजूदा प्रतिष्ठान जिनके पास अद्वितीय नियोक्ता कोड है

बेसलाइन क्या है?

बेसलाइन उस समय कर्मचारियों की औसत संख्या है, जिसकी गणना अगस्त 2024 से जुलाई 2025 के बीच के दो वर्षों के औसत कर्मचारियों के आधार पर की जाती है। यह आपकी “शुरुआती रेखा” है, जहां से आप नए कर्मचारियों को जोड़ना शुरू करते हैं

PMVBRY बेसलाइन गणना विवरण

प्रतिष्ठान के लिए बेसलाइन गणना

प्रतिष्ठान का प्रकार बेसलाइन कैसे गणना की जाती है
12 महीने से अधिक पंजीकृत अगस्त 2024 से जुलाई 2025 के बीच कर्मचारियों का औसत
12 महीने से कम पंजीकृत अगस्त 2024 से जुलाई 2025 के बीच पूरे 12 महीनों का औसतन
नए प्रतिष्ठान 20 कर्मचारियों की निर्धारित बेसलाइन

*नोट: बेसलाइन गणना PMVBRY योजना के नियमों के अनुसार की गई है।

कितने नए कर्मचारी जोड़ने होंगे?

PMVBRY नियोक्ता पात्रता

नियोक्ता के लिए आवश्यक नए कर्मचारियों की संख्या

नियोक्ता का आकार न्यूनतम नए कर्मचारी
50 से कम कर्मचारी कम से कम 2 नए कर्मचारी
50 या अधिक कर्मचारी कम से कम 5 नए कर्मचारी

महत्वपूर्ण: पुनः शामिल होने वाले कर्मचारी (जो पहले आपके लिए काम करते थे और वापस आ गए हैं) पार्ट B के लिए “अतिरिक्त कर्मचारी” माने जाते हैं

कितना प्रोत्साहन मिलता है?

PMVBRY प्रोत्साहन स्लैब

अतिरिक्त कर्मचारियों के लिए मासिक प्रोत्साहन

कर्मचारी का वेतन स्लैब मासिक प्रोत्साहन (प्रति कर्मचारी)
₹10,000 तक ₹1,000
₹10,001 से ₹20,000 ₹2,000
₹20,001 से ₹1,00,000 ₹3,000

अवधि:

  • विनिर्माण क्षेत्र: 48 महीने (4 वर्ष) तक प्रोत्साहन
  • अन्य सभी क्षेत्र: 24 महीने (2 वर्ष) तक प्रोत्साहन

आवेदन कैसे करें?

  1. ईपीएफओ एम्प्लॉयर पोर्टल में लॉगिन करें
  2. पार्ट B पंजीकरण पूरा करें – पैन, जीएसटीएन और बैंक विवरण दें
  3. बेसलाइन से अधिक कर्मचारी नियुक्त करें
  4. 6 महीने तक ईपीएफ योगदान बनाए रखें
  5. प्रोत्साहन प्राप्त करें

कौन बाहर रखे गए हैं?

इन प्रतिष्ठानों को पार्ट B से बाहर रखा गया है:

  • जिन पर धारा 7ए, 7बी, 7सी के तहत लंबित जांच हो
  • जिनकी जांच पूरी हो चुकी है लेकिन अनुपालन नहीं किया गया हो
  • ईपीएफओ द्वारा धोखाधड़ी के लिए एफआईआर दर्ज हो

पार्ट A और पार्ट B – तुलना तालिका

PMVBRY: पार्ट A बनाम पार्ट B तुलना

पार्ट A (कर्मचारी) बनाम पार्ट B (नियोक्ता)

मानदंड पार्ट A (कर्मचारी) पार्ट B (नियोक्ता)
लाभार्थी पहली बार ईपीएफ सदस्य ईपीएफओ-पंजीकृत प्रतिष्ठान
प्रोत्साहन राशि ₹15,000 तक (₹7,500 की 2 किस्तें) ₹3,000/माह प्रति अतिरिक्त कर्मचारी
वेतन सीमा ₹1,00,000/माह ₹1,00,000/माह
अवधि 12 महीने 24 महीने (विनिर्माण में 48 महीने)
शर्तें पहली बार ईपीएफ सदस्य; 18-54 वर्ष बेसलाइन से अधिक नियुक्ति
भुगतान विधि डीबीटी (सीधे बैंक खाते में) पैन-लिंक बैंक खाते में

उदाहरण और केस स्टडी

केस स्टडी 1 – पहली बार नौकरी करने वाले कर्मचारी

राहुल (आयु 24) 15 अगस्त 2025 को गुजरात की एक मैन्युफैक्चरिंग यूनिट में ₹25,000 मासिक वेतन पर जुड़ता है। उसका कोई पिछला ईपीएफ योगदान नहीं है

  • राहुल UMANG ऐप से UAN जनरेट करता है
  • नियोक्ता सितंबर 2025 में ईपीएफ योगदान फाइल करता है
  • 6 महीने बाद (फरवरी 2026): ₹7,500 उसके खाते में आते हैं
  • 12 महीने बाद: वह वित्तीय साक्षरता कार्यक्रम पूरा करता है
  • दूसरी किस्त ₹7,500 बचत साधन में जमा होती है
  • कुल लाभ: ₹15,000

केस स्टडी 2 – विनिर्माण क्षेत्र का नियोक्ता

ABC मैन्युफैक्चरिंग के पास जुलाई 2025 तक 45 कर्मचारी हैं। कंपनी सितंबर 2025 में 3 नए कर्मचारी ₹25,000 वेतन पर नियुक्त करती है

  • बेसलाइन: 45 कर्मचारी (50 से कम)
  • आवश्यक नए कर्मचारी: 2 ✓ (नियुक्त किए 3)
  • विनिर्माण क्षेत्र: 48 महीने की प्रोत्साहन अवधि
  • प्रति कर्मचारी मासिक प्रोत्साहन: ₹3,000
  • 3 कर्मचारियों के लिए कुल: ₹9,000/माह
  • 48 महीनों में कुल: ₹4,32,000

केस स्टडी 3 – सेवा क्षेत्र का नियोक्ता

XYZ IT सॉल्यूशंस के पास जुलाई 2025 तक 120 कर्मचारी हैं। कंपनी अक्टूबर 2025 में 6 नए सॉफ्टवेयर डेवलपर्स ₹75,000 वेतन पर नियुक्त करती है

  • बेसलाइन: 120 कर्मचारी (50 से अधिक)
  • आवश्यक नए कर्मचारी: 5 ✓ (नियुक्त किए 6)
  • सेवा क्षेत्र: 24 महीने की प्रोत्साहन अवधि
  • 6 कर्मचारियों के लिए कुल: ₹18,000/माह
  • 24 महीनों में कुल: ₹4,32,000

केस स्टडी 4 – जब नियोक्ता पंजीकृत नहीं है

स्नेहा (आयु 23) 1 नवंबर 2025 को 30 कर्मचारियों वाली एक छोटी रिटेल फर्म में जुड़ती है। वह पार्ट A के लिए पूरी तरह पात्र है। लेकिन उसके नियोक्ता ने कभी ईपीएफओ पोर्टल पर पार्ट B पंजीकरण नहीं किया

परिणाम:

स्नेहा 12 महीने काम करती है लेकिन उसे ₹15,000 नहीं मिलते

सबक:

पार्ट A के लिए नियोक्ता का पार्ट B में पंजीकृत होना अनिवार्य है


प्रगति और आंकड़े (जून 2026 तक)

प्रधानमंत्री मोदी ने 19 जून 2026 को ₹2,400 करोड़ की प्रोत्साहन राशि 15 लाख लाभार्थियों को वितरित की। 70 लाख पहली बार कर्मचारी योजना के तहत पंजीकृत हुए हैं – जो ABRY के कुल 60.49 लाख लाभार्थियों से अधिक है

महिला भागीदारी: लगभग 30% लाभार्थी महिलाएं हैं, जिनमें 18.04 लाख महिला कर्मचारी शामिल हैं

मार्च 2026 वितरण

PMVBRY: घटक और लाभ वितरण

घटक और लाभ वितरण का विवरण

घटक राशि (₹) लाभार्थी
पार्ट A (कर्मचारी) ₹247 करोड़ 4.41 लाख
पार्ट B (नियोक्ता) ₹214 करोड़ 17,551 प्रतिष्ठान

राज्यवार जानकारी

छत्तीसगढ़:

7,925 नियोक्ताओं ने पंजीकरण कराया है। नियोक्ताओं को 15 मार्च 2026 से पहले अगस्त 2025 से फरवरी 2026 तक की ईसीआर फाइल करनी होगी।

बल्लारी, कर्नाटक:

248 नियोक्ता प्रतिष्ठानों ने पंजीकरण कराया है, जिससे 1,374 पात्र कर्मचारी बने हैं


अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQ)

1. पार्ट A के तहत ₹15,000 किसे मिलते हैं?

18-54 वर्ष की आयु के पहली बार ईपीएफ सदस्य, जिनका कोई पिछला ईपीएफ योगदान नहीं है और जिनका मासिक वेतन ₹1,00,000 से अधिक नहीं है, 1 अगस्त 2025 से 31 जुलाई 2027 के बीच नौकरी में शामिल होते हैं

2. पार्ट B के तहत नियोक्ताओं को कितना प्रोत्साहन मिलता है?

अतिरिक्त कर्मचारी के वेतन स्लैब के अनुसार ₹1,000, ₹2,000 या ₹3,000 प्रति माह प्रति कर्मचारी

3. वित्तीय साक्षरता कार्यक्रम क्यों अनिवार्य है?

यह सुनिश्चित करने के लिए कि पहली बार कर्मचारी ईपीएफ, बचत और वित्तीय योजना को समझें। दूसरी किस्त पाने के लिए यह अनिवार्य है

4. दूसरी किस्त के लिए “बचत साधन” क्या है?

यह एक निर्धारित अवधि के लिए बचत खाता या साधन है (जैसे फिक्स्ड डिपॉजिट), जहां से राशि तुरंत निकाली नहीं जा सकती

5. क्या पुनः शामिल होने वाले कर्मचारी पात्र हैं?

हां, पार्ट B (नियोक्ता प्रोत्साहन) के लिए पात्र हैं, लेकिन पार्ट A (कर्मचारी का ₹15,000) के लिए पात्र नहीं हैं

6. अगर वेतन बाद में ₹1 लाख से अधिक हो जाए तो क्या होगा?

प्रारंभिक वेतन सीमा के भीतर था तो पात्रता बनी रहती है। बाद की वृद्धि का कोई प्रभाव नहीं पड़ता

7. विनिर्माण क्षेत्र को अधिक अवधि क्यों मिलती है?

विनिर्माण में प्रशिक्षण अवधि लंबी होती है, इसलिए 48 महीने (अन्य क्षेत्रों में 24 महीने) का प्रोत्साहन दिया जाता है

8. बेसलाइन की गणना कैसे होती है?

अगस्त 2024 से जुलाई 2025 के बीच कर्मचारियों की औसत संख्या के आधार पर

9. क्या कर्मचारी सीधे आवेदन कर सकते हैं?

नहीं, नियोक्ता की ईसीआर फाइलिंग और केवाईसी सीडिंग के माध्यम से स्वतः पात्रता निर्धारित होती है

10. क्या लंबित जांच वाले नियोक्ता पात्र हैं?

नहीं, धारा 7ए, 7बी, 7सी के तहत लंबित जांच वाले या अनुपालन न करने वाले प्रतिष्ठान बाहर रखे गए हैं

11. अगर कर्मचारी 12 महीने पूरे होने से पहले नौकरी बदलता है?

दूसरी किस्त नहीं मिलती। प्रत्येक किस्त के लिए उसी नियोक्ता के साथ निरंतर सेवा अनिवार्य है

12. क्या प्रोत्साहन राशि पर टैक्स लगता है?

हां, ₹15,000 आयकर अधिनियम, 1961 के तहत कर योग्य है। कर्मचारियों को आईटीआर भरते समय इस राशि को घोषित करना चाहिए


निष्कर्ष

PM विकसित भारत रोजगार योजना पहली बार नौकरी करने वालों और नियोक्ताओं दोनों के लिए एक सुनहरा अवसर है। पार्ट A के तहत कर्मचारियों को ₹15,000 तक की सहायता मिलती है, जबकि पार्ट B के तहत नियोक्ताओं को ₹3,000 प्रति माह प्रति कर्मचारी तक का प्रोत्साहन मिलता है

महत्वपूर्ण बातें:

  • पार्ट A के लिए कर्मचारी को अलग से आवेदन नहीं करना है
  • नियोक्ता का पार्ट B में पंजीकरण पार्ट A के लिए अनिवार्य है
  • विनिर्माण क्षेत्र को 48 महीने का प्रोत्साहन मिलता है
  • दूसरी किस्त के लिए वित्तीय साक्षरता कार्यक्रम अनिवार्य है
  • 70 लाख से अधिक कर्मचारी पहले ही पंजीकृत हो चुके हैं

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